India-UK FTA Benefits: भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (Free Trade Agreement-FTA) अब आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है. इस समझौते को दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. इसके लागू होने के साथ ही व्यापारिक बाधाएं कम होंगी, कई उत्पादों पर लगने वाले आयात शुल्क में भारी राहत मिलेगी और कारोबार पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और किफायती हो जाएगा. सरकारों का मानना है कि यह समझौता सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि निवेश, रोजगार और आर्थिक विकास को भी नई गति देगा.
भारत और UK के व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, UK-इंडिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बुधवार से प्रभावी हो गया है. वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार का मूल्य लगभग £48 बिलियन रहा था और इस समझौते के लागू होने के बाद इसमें तत्काल बढ़ोतरी होने की उम्मीद जताई गई है.
अब दोनों देशों के उपभोक्ता बेहतर ब्रिटिश और भारतीय उत्पादों एवं सेवाओं का लाभ पहले से अधिक सस्ते, तेज और आसान तरीके से उठा सकेंगे. इस ऐतिहासिक अवसर को खास बनाने के लिए ब्रिटिश एयरवेज की एक उड़ान के जरिए मुंबई स्थित ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशन में चुनिंदा ब्रिटिश उत्पादों का विशेष पैकेज भी पहुंचाया गया.
ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान से पहुंचा खास पैकेज
इस विशेष पैकेज का अनावरण दक्षिण एशिया के लिए व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग और भारत में ब्रिटिश एयरवेज के महाप्रबंधक डेविड राइट ने किया. इसका उद्देश्य इस समझौते के तहत दोनों देशों के लिए खुलने वाले नए व्यापारिक अवसरों को दर्शाना था. पैकेज में यूनाइटेड किंगडम के ऐसे उत्पाद शामिल थे जिन्हें इस समझौते के तहत कम टैरिफ का लाभ मिला है. इनमें कॉस्मेटिक्स, खाद्य उत्पाद और शराब जैसी वस्तुएं शामिल हैं, जिन पर शुल्क में राहत मिलने से इनकी उपलब्धता और प्रतिस्पर्धा दोनों बढ़ने की संभावना है.
हरजिंदर कांग ने बताया क्यों है यह समझौता ऐतिहासिक?
दक्षिण एशिया के लिए व्यापार आयुक्त और पश्चिमी भारत के लिए ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीशनर हरजिंदर कांग ने कहा कि यह UK और भारत की साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है. उन्होंने कहा, "जैसे ही यह ऐतिहासिक व्यापार समझौता लागू हुआ है, ब्रिटिश एयरवेज के सहयोग से आज सुबह भारत आने वाली पहली UK उड़ानों में से एक में चुनिंदा ब्रिटिश उत्पादों का पहुंचना बहुत अच्छी बात है."
उन्होंने आगे कहा, "हमारा यह ऐतिहासिक व्यापार समझौता पहले दिन से ही सस्ते, तेज और आसान व्यापार के जरिए व्यवसायों और उपभोक्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया है. हम सभी इसका पूरा फायदा उठाने के लिए उत्साहित हैं."
ब्रिटिश एयरवेज ने भारत को बताया अहम बाजार
भारत में ब्रिटिश एयरवेज के महाप्रबंधक डेविड राइट ने कहा कि भारत उनकी कंपनी के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है. उन्होंने कहा, "भारत ब्रिटिश एयरवेज के सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है, और UK और भारत के बीच लोगों, व्यवसायों और संस्कृतियों को जोड़ने का हमारा लंबा इतिहास रहा है." उन्होंने बताया कि हर सप्ताह 63 उड़ानों के संचालन के जरिए ब्रिटिश एयरवेज दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
दोनों देशों के रिश्तों में नया मील का पत्थर
ब्रिटेन और भारत के बीच लागू हुआ यह मुक्त व्यापार समझौता दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है. यह समझौता दुनिया के सबसे तेजी से विकसित हो रहे अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक कॉरिडोर में से एक की दीर्घकालिक क्षमता को और मजबूत करेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निवेश, औद्योगिक सहयोग और वैश्विक सप्लाई चेन में दोनों देशों की भागीदारी पहले से अधिक मजबूत होगी.
किन उत्पादों पर मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
आधिकारिक रिलीज के अनुसार, आज से UK में आने वाले 99 प्रतिशत भारतीय सामानों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा, जबकि भारत में आने वाले 90 प्रतिशत ब्रिटिश उत्पादों पर या तो ड्यूटी पूरी तरह समाप्त कर दी गई है या फिर टैरिफ में उल्लेखनीय कमी की गई है. इसका लाभ ऑटोमोटिव, मैन्युफैक्चरिंग, कंज्यूमर गुड्स, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज और मेडिकल टेक्नोलॉजी जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मिलेगा. इससे दोनों देशों के उद्योगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी.
अर्थव्यवस्था पर दिखेगा दीर्घकालिक असर
इस उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए UK सरकार भारत और ब्रिटेन में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित करेगी. नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और लंदन के लैंकेस्टर हाउस में बिजनेस रिसेप्शन समेत कई आयोजन प्रस्तावित हैं, जिनका उद्देश्य दोनों देशों के उद्योग जगत और निवेशकों के बीच सहयोग को और मजबूत करना है.
रिलीज में यह भी कहा गया है कि लंबे समय में इस मुक्त व्यापार समझौते के कारण दोनों देशों के बीच हर वर्ष व्यापार में लगभग £25.5 बिलियन की वृद्धि होने की संभावना है. इसके अलावा भारत की GDP में £5.1 बिलियन और UK की GDP में £4.8 बिलियन तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया है. यही वजह है कि इस समझौते को केवल एक व्यापारिक करार नहीं, बल्कि भारत और ब्रिटेन की आर्थिक साझेदारी के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें: PoK में बगावत की आहट! राजधानी की तरफ बढ़ रहे हजारों प्रदर्शनकारी, पाकिस्तान से आजादी का ऐलान? Video