जंगल में बाघों के बीच दहशत के 60 मिनट... रणथंभौर में पर्यटकों को छोड़कर भागा गाइड, जानें फिर क्या हुआ

राजस्थान के सवाईमाधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में एक सफारी ऐसे डरावने मोड़ पर पहुंच गई, जहां करीब 20 पर्यटकों को बाघों और घने जंगल के बीच फंसे रहने का डरनाक अनुभव करना पड़ा

Ranthambore Safari Horror Guide Abandons Tourists in Forest and Flees
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Ranthambore National Park: जंगल सफारी का नाम सुनते ही किसी के मन में बाघों के बीच घूमने और उनकी आज़ादी का दीदार करने का रोमांच आता है. लेकिन राजस्थान के सवाईमाधोपुर स्थित रणथंभौर नेशनल पार्क में एक सफारी ऐसे डरावने मोड़ पर पहुंच गई, जहां करीब 20 पर्यटकों को बाघों और घने जंगल के बीच फंसे रहने का डरनाक अनुभव करना पड़ा. बच्चों और महिलाओं समेत ये परिवार जब जंगल में निकले, तो उन्हें शायद ही अंदाजा था कि उनकी खुशियों भरी सफारी 60 मिनट तक दहशत में बदल जाएगी.

गाड़ी खराब और गाइड-ड्राइवर की लापरवाही

मामला शनिवार का है, जब मानसून के दौरान खुले रहने वाले जोन-6 और जोन-10 में से जोन-6 में पर्यटक सफारी के लिए निकले. सफारी गाड़ी अचानक खराब हो गई और अंधेरा भी छा गया. गाइड और ड्राइवर ने दूसरी गाड़ी लेने की बात कही, लेकिन वापस नहीं आए. वाहन में महिलाएं और बच्चे भी मौजूद थे, और गाइड तथा पर्यटकों के बीच तीखी बहस भी हुई. वन विभाग से मदद लेने की कोशिश की गई, लेकिन तुरंत सहायता नहीं मिली.

तीन बड़ी लापरवाही उजागर

इस घटना में सबसे बड़ी लापरवाही तो यह रही कि वाहन खराब होने के बावजूद पर्यटकों को जंगल में छोड़ दिया गया. दूसरी लापरवाही यह रही कि जंगल चौकी में तैनात कर्मचारी ड्यूटी से गायब था. तीसरी लापरवाही यह हुई कि जो वाहन वापस आया था, उसे फंसे पर्यटकों को लेने नहीं भेजा गया. आखिरकार, एक पर्यटक ने ही दूसरे वाहन में जाकर मदद मंगाई और सुरक्षित बाहर निकला.

वन विभाग ने लिया सख्त एक्शन

इस गंभीर लापरवाही के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन सफारी वाहनों और उनके ड्राइवरों कन्हैया, शहजाद चौधरी, लियाकत अली तथा गाइड मुकेश कुमार बैरवा पर पार्क में प्रवेश रोक लगा दी. प्रशासन ने पूरी घटना की रिपोर्ट 3 दिनों में तैयार करने के निर्देश भी दिए हैं.

वाहनों की उम्र पर नए निर्देश

इसी बीच विभाग ने वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक और कदम उठाया. नेशनल पार्क में वाहनों की अधिकतम उम्र सीमा 10 साल से बढ़ाकर 15 साल करने की मांग की जा रही थी, लेकिन विभाग ने केवल एक साल की छूट दी है. फील्ड डायरेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि सभी वाहन सुरक्षित और पर्यटक सफारी के लिए फिट हों. 

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