गुजरात: विजयादशमी के अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कड़ा संदेश दिया और पाकिस्तान की ओर चेतावनी जारी की. उन्होंने शस्त्र पूजन समारोह के बाद भारतीय सशस्त्र बलों और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान पाकिस्तान की कोशिशें असफल रहीं और भारत ने इसका जवाब प्रभावी तरीके से दिया. रक्षामंत्री ने विशेष रूप से कहा कि यदि सर क्रीक क्षेत्र में किसी भी तरह की हिमाकत की गई तो पाकिस्तान को ऐसा जवाब मिलेगा कि “इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएंगे” और कराची तक पहुंचने वाले मार्ग का जिक्र करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि कराची का रास्ता सर क्रीक से गुजरता है.
परंपरागत रूप से विजयादशमी का दिन शस्त्र पूजन और नये जोश के साथ संचारित किया जाता है. इस अवसर पर राजनाथ सिंह कच्छ में आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए और वहां से भारतीय जवानों को संबोधित किया. उन्होंने भारतीय सेनाओं की तैयारियों, युद्धक क्षमता और सीमाओं की रक्षा में लगी इकाइयों की सराहना की और कहा कि देश की सुरक्षा के प्रति पूरा भरोसा होना चाहिए.
ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान की नाकामी
रक्षामंत्री ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर से लेकर सर क्रीक तक भारत के डिफेंस तंत्र को भेदने की कोशिश की, मगर भारतीय सेनाओं ने उस प्रयास को नाकाम कर दिया और पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणाली को उजागर किया. राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि यह घटना दुनिया के सामने एक संदेश है कि भारतीय सेनाएँ आवश्यकता पड़ने पर किसी भी समय और किसी भी स्थान पर कार्रवाई करने में सक्षम हैं.
सर क्रीक पर विवाद और इन्फ्रास्ट्रक्चर विस्तार
रक्षामंत्री ने सर क्रीक के संदर्भ में कहा कि आज़ादी के 78 साल बाद भी इस इलाके को लेकर विवाद बरकरार है. उन्होंने उल्लेख किया कि भारत ने बार-बार बातचीत के जरिए इस विवाद का शांतिपूर्ण समाधान खोजने का प्रयास किया है, परन्तु पाकिस्तान की नीयत संदिग्ध बनी हुई है. राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि हाल के समय में पाकिस्तान ने सर क्रीक से सटे क्षेत्रों में अपने सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया है, जो उसकी मंशा पर सवाल खड़ा करता है.
सर क्रीक, जो गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित है, दशकों से एक जमीनी और समुद्री सीमांकन के विवाद के रूप में बनी रही है. राजनाथ सिंह के शब्दों में, उसी क्षेत्र में सुरक्षा चुनौती बनती हुई नज़र आ रही है और अगर वहां कोई अतिक्रमण या साजिश की जाती है तो भारत निर्णायक कदम उठाने के लिए तैयार है.
इतिहास और भूगोल दोनों बदल जाएगा
राजनाथ सिंह के बयान में “इतिहास और भूगोल बदल जाएगा” जैसा प्रबल वाक्यांश प्रयुक्त हुआ, जो न केवल कूटनीतिक चेतावनी है बल्कि सैन्य तैयारियों और इच्छाशक्ति का संकेत भी देता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की सीमाएँ और उनकी रक्षा भारतीय सेनाओं और BSF के संयुक्त प्रयास से बखूबी हो रही है, और किसी भी तरह की चुनौती का जवाब दिया जाएगा.
उनका यह भी कहना था कि पाकिस्तान को यह ध्यान रखना चाहिए कि कराची तक पहुंच का एक मार्ग सर क्रीक से होकर जाता है, यह कथन प्रतीकात्मक रूप से उस क्षेत्र के भौगोलिक महत्व और सुरक्षा निहितार्थ को रेखांकित करता है.
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