Himachal Pradesh Monsoon: हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. प्रदेश के कई जिलों में हुई तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. कहीं जलभराव की समस्या सामने आई है तो कहीं भूस्खलन और उफनते नालों ने यातायात को बाधित कर दिया है. कई इलाकों में सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई है.
मंडी में दर्दनाक हादसा
मंडी जिले में भारी बारिश के बीच एक दुखद हादसा सामने आया. ओट क्षेत्र स्थित शनि मंदिर के पास एक महिला की चट्टान की चपेट में आने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि महिला बस से नीचे उतरकर उल्टी करने के लिए बाहर आई थी. इसी दौरान पहाड़ी से चट्टान गिर गई और वह उसकी चपेट में आ गई. हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई.
मनाली-लेह हाईवे पर बाढ़ जैसे हालात
लगातार बारिश और ग्लेशियरों के पिघलने से मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर नाले उफान पर हैं. जिसपा और जिंगजिंगबार इलाके में पानी का बहाव अचानक बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई. इसके चलते हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई और कई पर्यटक रास्ते में फंस गए. प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है.
मंडी में 28 सड़कें बंद, कई क्षेत्रों का संपर्क टूटा
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण मंडी जिले में 28 सड़कें बंद हो गई हैं. वहीं शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में अस्थायी पुल बह जाने से तीन पंचायतों का संपर्क मुख्य मार्ग से कट गया है. प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और बहाली का काम शुरू करने में जुटा हुआ है.
टांडा मेडिकल कॉलेज में खतरे की घंटी
कांगड़ा जिले के टांडा मेडिकल कॉलेज परिसर में एक बड़ा सुरक्षा संकट सामने आया है. बारिश के कारण सुरक्षात्मक डंगा (रिटेनिंग वॉल) का हिस्सा ढह गया, जिससे डॉक्टरों के आवासीय भवनों पर खतरा मंडराने लगा है. यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है.
सिरमौर में बिजली व्यवस्था प्रभावित
सिरमौर जिले में लगातार हो रही बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा है. पांवटा साहिब और राजगढ़ क्षेत्र में 44 बिजली ट्रांसफार्मर बंद हो गए हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई. बिजली विभाग की टीमें खराबी दूर करने में जुटी हुई हैं.
ऊना में डेढ़ घंटे की बारिश से जलमग्न हुई कॉलोनी
ऊना शहर की फ्रेंड्स कॉलोनी में केवल करीब डेढ़ घंटे की बारिश ने जलभराव की गंभीर समस्या पैदा कर दी. कॉलोनी का मुख्य प्रवेश मार्ग पानी में डूब गया और कई घरों के आसपास करीब दो फीट तक पानी भर गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल निकासी व्यवस्था पहले से ही खराब थी और पिछले साल की स्थिति से भी कोई सबक नहीं लिया गया.
स्कूल खुलते ही छात्रों को झेलनी पड़ी परेशानी
ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूलों का पहला दिन बारिश की वजह से अव्यवस्था में बीता. ऊना के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बहडाला समेत कई स्कूल परिसरों में पानी भर गया. बरसाती पानी कक्षाओं तक पहुंचने से विद्यार्थियों को बैठने में दिक्कत हुई और शिक्षण कार्य भी प्रभावित हुआ. कई जगह शिक्षकों को पहले पानी निकालने की व्यवस्था करनी पड़ी.
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
मानसून की शुरुआत के साथ ही हिमाचल प्रदेश में सामने आए हालात ने प्रशासन की तैयारियों की परीक्षा ले ली है. मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी कई इलाकों में बारिश जारी रहने की संभावना जताई है. ऐसे में लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है.
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