'रूस NATO की तरह कागजी शेर नहीं है, ऐसा जवाब देंगे...' ट्रंप के तंज पर भड़के पुतिन, जानें पूरा मामला

रूस और पश्चिम के बीच बढ़ते तनाव के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है.

Putin enraged by Trumps paper tiger jibe
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

मॉस्को: रूस और पश्चिम के बीच बढ़ते तनाव के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर कड़ा पलटवार किया है. ट्रंप ने रूस को "कागजी शेर" बताया था और दावा किया था कि यूक्रेन अपनी ज़मीन फिर से हासिल कर सकता है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पुतिन ने स्पष्ट कहा कि रूस कोई दिखावटी ताकत नहीं, बल्कि निर्णायक कार्रवाई में विश्वास करता है.

पुतिन की चेतावनी: उकसाने का अंजाम गंभीर होगा

गुरुवार को एक सुरक्षा मंच पर बोलते हुए पुतिन ने कहा, "अगर यूरोप अपनी सैन्य गतिविधियों से क्षेत्र में अस्थिरता फैलाना जारी रखता है, तो रूस को जवाब देने में कोई झिझक नहीं होगी. हमारे पास जो भी संसाधन हैं, हम उनका इस्तेमाल करेंगे, क्योंकि रूस किसी तरह का खोखला प्रदर्शन नहीं करता."

उन्होंने यह भी कहा कि रूस यूरोप में हो रहे सैन्य निर्माणों पर करीबी निगरानी रख रहा है और यदि ज़रूरत पड़ी तो सख्त और त्वरित जवाब देगा.

अगर हम कागजी शेर हैं, तो NATO क्या है?

पुतिन ने ट्रंप के "कागजी शेर" वाले बयान को चुनौती देते हुए कहा, "हम इस समय पूरे नाटो गठबंधन का सामना कर रहे हैं और फिर भी डटे हुए हैं. ऐसे में कोई अगर रूस को कमज़ोर या कागजी शेर समझता है, तो फिर खुद नाटो की ताकत पर सवाल खड़ा होता है."

उन्होंने यह भी जोड़ा कि पश्चिमी देश सैन्य खर्च के नाम पर अपने नागरिकों को डराने और युद्धोन्माद फैलाने में लगे हैं, जबकि रूस का उद्देश्य स्थायित्व और संतुलन बनाए रखना है.

भारत और चीन पर दबाव पर भी बोले पुतिन

पुतिन ने अमेरिका द्वारा भारत और चीन पर रूस के साथ ऊर्जा व्यापार को बंद कराने के प्रयासों की आलोचना की. उन्होंने दोहराया कि रूस इन देशों के साथ ऊर्जा संबंधों को मजबूत बनाए रखेगा और अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत और चीन जैसे देश अपनी नीति खुद तय करेंगे.

उन्होंने कहा, "भारत और चीन पर प्रतिबंधों के लिए दबाव बनाना केवल वैश्विक बाजारों को अस्थिर करेगा. इससे तेल और अन्य संसाधनों की कीमतें बढ़ेंगी और अंततः अमेरिका को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा."

पुतिन ने अमेरिका की कथनी और करनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वॉशिंगटन खुद रूस से संवर्धित यूरेनियम खरीद रहा है, जबकि वह अन्य देशों को रूसी ऊर्जा से दूरी बनाने का सुझाव देता है. उन्होंने इसे दोहरे मापदंड की नीति करार दिया और कहा कि यह अमेरिका की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा रहा है.

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