ईरान इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. देश के भीतर भड़के विरोध प्रदर्शन अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनकी गूंज दुनिया के कई हिस्सों में सुनाई देने लगी है. सरकार के खिलाफ गुस्सा लगातार तेज होता जा रहा है और हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि आंदोलन एक नए मोड़ पर पहुंच गया है.
बीते कई दिनों से ईरान के अलग-अलग शहरों में लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर रहे हैं. प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं, कई जगहों पर आगजनी की घटनाएं भी सामने आई हैं. हालात काबू में रखने के लिए प्रशासन सख्ती दिखा रहा है, लेकिन विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा.
लंदन में दूतावास के बाहर हंगामा
ईरान के भीतर जारी उथल-पुथल का असर विदेशों में भी साफ नजर आया. ब्रिटेन की राजधानी लंदन से सामने आए एक वीडियो ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है. केंसिंग्टन इलाके में स्थित ईरानी दूतावास की इमारत पर एक प्रदर्शनकारी चढ़ गया और वहां लगा मौजूदा ईरानी झंडा उतार दिया. उसकी जगह 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले इस्तेमाल होने वाला शेर और सूरज वाला झंडा फहरा दिया गया.इस दौरान दूतावास के बाहर जमा सैकड़ों प्रदर्शनकारी खुशी से नारे लगाते और पुराने झंडे को लहराते दिखे. समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, यह झंडा कुछ मिनटों तक लगा रहा, जिसके बाद अधिकारियों ने उसे हटा दिया.
The moment Spiderman tore down the Islamic Republic flag at Iran's embassy in London, and raised the lion and sun flag 💪
— Dr. Eli David (@DrEliDavid) January 10, 2026
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति इमारत पर चढ़कर पहले मौजूदा शासन का झंडा हटाता है और फिर उसकी जगह ऐतिहासिक प्रतीक वाला झंडा लगा देता है. नीचे खड़े प्रदर्शनकारी इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सरकार विरोधी नारे लगाते रहे. इस दृश्य ने यह साफ कर दिया कि ईरानी सरकार के खिलाफ नाराजगी अब सीमाओं से बाहर निकल चुकी है.
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद मेट्रोपॉलिटन पुलिस मौके पर पहुंची और दो लोगों को हिरासत में लिया गया. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि झंडा उतारने वाला व्यक्ति भी गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल है या नहीं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
शेर और सूरज वाले झंडे का इतिहास
जिस झंडे को दूतावास पर फहराया गया, उसका ईरान के इतिहास में खास महत्व है. शेर और सूरज का प्रतीक लंबे समय तक ईरान की राजशाही का प्रतीक रहा और 1979 की इस्लामी क्रांति तक आधिकारिक रूप से इस्तेमाल किया जाता था. शाह के सत्ता से हटने के बाद धार्मिक नेतृत्व वाली नई सरकार ने इस्लामिक रिपब्लिक का मौजूदा झंडा अपनाया.आज यह पुराना झंडा मुख्य रूप से राजशाही समर्थकों और मौजूदा शासन के विरोध में खड़े ईरानी प्रवासी समुदाय के बीच लोकप्रिय है. हालिया प्रदर्शनों में इसका फिर से उभरना एक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
ईरान में क्यों भड़के प्रदर्शन?
ईरान में यह आंदोलन 28 दिसंबर को आर्थिक संकट और महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ था. शुरुआत में तेहरान में दुकानदारों ने विरोध स्वरूप अपनी दुकानें बंद कर दीं. इसके बाद धीरे-धीरे यह असंतोष पूरे देश में फैल गया. अब यह केवल आर्थिक मुद्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन के खिलाफ व्यापक आंदोलन का रूप ले चुका है.
दुनिया भर में समर्थन
ईरानी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पेरिस, बर्लिन समेत यूरोप के कई बड़े शहरों में एकजुटता रैलियां निकाली गईं. अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के बाहर भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, अब तक इन प्रदर्शनों में कम से कम 116 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,600 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है.
ट्रंप की चेतावनी
प्रदर्शनों के तेज होने के बाद ईरानी सरकार ने इंटरनेट सेवाओं पर भी रोक लगा दी है. इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है. उन्होंने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका प्रदर्शनकारियों की रक्षा करेगा.वॉशिंगटन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और हालात तेजी से बदल रहे हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर ईरानी शासन बड़े पैमाने पर हिंसा का सहारा लेता है, तो अमेरिका कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.
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