जारी है 'ऑपरेशन सिंदूर'... आर्मी चीफ ने अगली जंग की ओर किया इशारा! इस बार किस ठिकाने पर होगा हमला?

    सेना दिवस के मौके पर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था, बदलते युद्ध के स्वरूप और भारतीय सेना की भविष्य की रणनीति पर विस्तार से अपनी बात रखी.

    Operation Sindoor Army Chief hinted towards the next war
    प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

    सेना दिवस के मौके पर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था, बदलते युद्ध के स्वरूप और भारतीय सेना की भविष्य की रणनीति पर विस्तार से अपनी बात रखी. उन्होंने स्पष्ट किया कि आज के समय में युद्ध केवल सीमित समय या सीमित दायरे तक नहीं रह गए हैं, बल्कि उनकी प्रकृति तेजी से बदल रही है. ऐसे में भारतीय सेना हर तरह की संभावित परिस्थितियों के लिए खुद को तैयार कर रही है.

    जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर जैसी सैन्य कार्रवाई कुछ घंटों या दिनों तक सीमित नहीं रह सकती. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आधुनिक युद्ध 88 घंटे में भी निर्णायक मोड़ ले सकता है, वहीं रूस-यूक्रेन संघर्ष जैसे हालातों में यह कई वर्षों तक भी खिंच सकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय सेना अपनी रणनीति को अल्पकालिक और दीर्घकालिक दोनों स्तरों पर मजबूत कर रही है.

    बदलते रणक्षेत्र के मुताबिक नई सैन्य इकाइयां

    आर्मी चीफ ने बताया कि आधुनिक युद्ध की चुनौतियों को देखते हुए सेना ने नई और ज्यादा प्रभावशाली बटालियनों का गठन किया है. इनमें सबसे खास ‘भैरव बटालियन’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह यूनिट अत्यधिक प्रशिक्षित, आत्मविश्वासी और युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है.

    उन्होंने भैरव बटालियन की क्षमता का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि इसके सामने 25 बटालियन भी तैनात कर दी जाएं, तो भी यह यूनिट चुनौती का सामना करने में सक्षम है. जनरल द्विवेदी ने साफ किया कि सेना यहीं नहीं रुकेगी और आने वाले समय में भी युद्ध की बदलती जरूरतों के अनुसार नई इकाइयों का गठन किया जाता रहेगा.

    आत्मनिर्भरता पर सेना का जोर

    जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारतीय सेना की आत्मनिर्भरता को लेकर भी अहम बात कही. उन्होंने कहा कि भविष्य की सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है कि सेना का हथियार, उपकरण और तकनीक देश में ही विकसित हो. जब तक भारत अनुसंधान और विकास (R&D) पर गंभीरता से निवेश नहीं करेगा और केवल विदेशी तकनीक पर निर्भर रहेगा, तब तक लंबे समय में आत्मनिर्भर बनना संभव नहीं होगा.

    उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय सेना आत्मनिर्भर बनने के लिए पूरी तरह तैयार है और इस दिशा में लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देना अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन चुका है.

    ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान का प्रोपेगेंडा

    ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान की ओर से फैलाए जा रहे नकारात्मक प्रचार पर प्रतिक्रिया देते हुए आर्मी चीफ ने कहा कि भारत का पॉजिटिव नैरेटिव पाकिस्तान के दुष्प्रचार से कहीं अधिक मजबूत है. उन्होंने कहा कि यह कोई दिखावटी प्रचार नहीं, बल्कि जमीनी सच्चाई पर आधारित है.

    जनरल द्विवेदी ने भरोसा जताया कि भारतीय सेना अपनी पेशेवर क्षमता, पारदर्शिता और सच्चाई के दम पर हर चुनौती का सामना कर सकती है और किसी भी तरह के गलत प्रचार से प्रभावित नहीं होगी.

    पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर सेना की नजर

    आर्मी चीफ ने यह भी बताया कि भारतीय सेना की नजर पाकिस्तान की उन आठ लोकेशनों पर बनी हुई है, जहां अब भी आतंकवादी शिविर सक्रिय हैं. इन कैंपों में प्रत्येक स्थान पर 100 से अधिक आतंकियों के मौजूद होने की जानकारी है. उन्होंने संकेत दिया कि भारतीय सेना इन गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखे हुए है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लिया जाएगा.

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