ईरान पर न्यूक्लियर अटैक की तैयारी! UN के राजनयिक ने दिया इस्तीफा, बोले- खतरनाक खेल शुरू हो चुका है

मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दिखाई देने लगा है. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के बीच संयुक्त राष्ट्र में एक वरिष्ठ राजनयिक के इस्तीफे ने नई बहस छेड़ दी है.

Preparation for nuclear attack on Iran UN diplomat Mohamad Safa resigned
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मध्य पूर्व में जारी तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी दिखाई देने लगा है. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के बीच संयुक्त राष्ट्र में एक वरिष्ठ राजनयिक के इस्तीफे ने नई बहस छेड़ दी है. इस राजनयिक ने आरोप लगाया है कि वैश्विक संस्था के भीतर ईरान पर संभावित परमाणु हमले जैसे हालात को लेकर तैयारी की जा रही है.

मोहम्मद सफा नामक राजनयिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया और इस फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की. उन्होंने अपने साथ एक विस्तृत पत्र भी सार्वजनिक किया, जिसमें कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं.

सफा संयुक्त राष्ट्र में ‘पैट्रियटिक विज़न’ नामक संगठन के मुख्य प्रतिनिधि के तौर पर कार्यरत थे. यह संगठन संयुक्त राष्ट्र की आर्थिक और सामाजिक परिषद में विशेष सलाहकार का दर्जा रखता है.

‘सोच-समझकर लिया फैसला’

अपने पत्र में सफा ने कहा कि उन्होंने यह कदम लंबे विचार-विमर्श के बाद उठाया है. उनका आरोप है कि संयुक्त राष्ट्र के भीतर कुछ वरिष्ठ अधिकारी एक प्रभावशाली लॉबी के दबाव में काम कर रहे हैं और महत्वपूर्ण मुद्दों पर निष्पक्षता नहीं बरत रहे.

तेहरान को लेकर जताई गंभीर चिंता

सफा ने तेहरान की एक तस्वीर साझा करते हुए कहा कि दुनिया इस स्थिति की गंभीरता को सही तरह से नहीं समझ पा रही है. उनके अनुसार, ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि ईरान में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल जैसी स्थिति की तैयारी की जा रही है.

उन्होंने भावुक शब्दों में लिखा कि तेहरान कोई खाली या वीरान इलाका नहीं है, बल्कि यहां लाखों परिवार, बच्चे और आम नागरिक रहते हैं. ऐसे किसी हमले के परिणाम बेहद विनाशकारी हो सकते हैं.

दुनिया के बड़े शहरों से की तुलना

सफा ने लोगों से अपील की कि वे कल्पना करें- अगर वॉशिंगटन, बर्लिन, पेरिस या लंदन जैसे शहरों पर परमाणु हमला हो जाए, तो क्या हालात बनेंगे. उन्होंने कहा कि इसी तरह का खतरा तेहरान जैसे घनी आबादी वाले शहर पर मंडरा रहा है.

‘न्यूक्लियर विंटर’ की चेतावनी

अपने बयान में सफा ने ‘न्यूक्लियर विंटर’ यानी परमाणु युद्ध के बाद आने वाले वैश्विक संकट का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अगर हालात बिगड़े, तो इसका असर पूरी मानवता पर पड़ेगा, न कि सिर्फ एक देश तक सीमित रहेगा.

जनता से सड़कों पर उतरने की अपील

सफा ने हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए कहा कि लोगों को अब आवाज उठानी चाहिए. उन्होंने कहा कि आम जनता ही इस तरह के संभावित संकट को रोक सकती है.

उन्होंने अपील की कि लोग मानवता और भविष्य की रक्षा के लिए आगे आएं और इस खतरे के खिलाफ एकजुट हों.

धमकियों और सेंसरशिप का आरोप

सफा ने यह भी दावा किया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही थीं. उनका आरोप है कि संयुक्त राष्ट्र के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें सेंसर किया और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की.

हालांकि, संयुक्त राष्ट्र की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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