नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा संकट के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. देश की प्रमुख ऊर्जा कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने अरब सागर में अपने बड़े प्रोजेक्ट से गैस उत्पादन शुरू कर दिया है. यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब वैश्विक स्तर पर गैस सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.
अरब सागर में शुरू हुआ गैस उत्पादन
कंपनी के अनुसार, दमन अपसाइड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत 29 मार्च को प्लेटफॉर्म बी-12-24पी से गैस का उत्पादन शुरू किया गया. इस गैस को सीधे हजीरा प्लांट भेजा जा रहा है, जहां से इसे आगे उपयोग में लाया जाएगा.
यह प्रोजेक्ट अरब सागर में मुंबई तट से करीब 180 किलोमीटर दूर स्थित है और इसकी उत्पादन क्षमता प्रतिदिन लगभग 5 मिलियन स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस बताई जा रही है.
रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे अवार्ड मिलने के सिर्फ दो साल के भीतर पूरा कर लिया गया. समुद्र के भीतर इतने बड़े स्तर पर काम को इतनी तेजी से पूरा करना तकनीकी और प्रबंधन दोनों दृष्टि से बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
The #ONGC Daman Upside Development Project (DUDP), in the Arabian Sea, located about 180 km north west of Mumbai and about 80 km south of Pipavav, Gujarat, with a Capex of about USD 1 billion, has achieved a significant milestone on 29 March 2026 by monetisation through flowing… pic.twitter.com/lbpT2XrU93
— Oil and Natural Gas Corporation Limited (ONGC) (@ONGC_) March 30, 2026
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारत को राहत
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है. खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट की वजह से गैस सप्लाई पर असर पड़ा है. भारत को कतर से मिलने वाली गैस में भी बाधा आई है.
ऐसे में घरेलू स्तर पर गैस उत्पादन बढ़ाना भारत के लिए बेहद जरूरी हो गया है. फिलहाल भारत अपनी आधे से अधिक प्राकृतिक गैस की जरूरत आयात के जरिए पूरी करता है, जिससे वैश्विक हालात का सीधा असर देश पर पड़ता है.
ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
नए गैस उत्पादन की शुरुआत को भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है. इससे न केवल आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी.
तेल और गैस खोज के लिए बड़ा क्षेत्र खोला गया
सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए देश के 80,228 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को तेल और गैस की खोज के लिए खोल दिया है. यह पहल ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी (OALP-XI) के तहत की गई है.
इस राउंड में कुल 21 ब्लॉक ऑफर किए गए हैं, जिनमें
शामिल हैं. इसके साथ ही देश में अन्वेषण के तहत कुल प्रस्तावित क्षेत्र बढ़कर 2,62,817 वर्ग किलोमीटर तक पहुंच गया है.
इन ब्लॉकों के लिए बोली प्रक्रिया 30 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 29 मई 2026 तक जारी रहेगी. उम्मीद की जा रही है कि इससे देश में नए निवेश आएंगे और ऊर्जा उत्पादन के नए स्रोत विकसित होंगे.
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