बेरोजगार दोस्त को चिढ़ाना पड़ा भारी! जलन में कर दी हत्या, कार से MP ले जाकर फेंका शव

प्रयागराज में दोस्ती, जलन और बेरोजगारी के ताने ने एक युवक को ऐसी साजिश रचने के लिए उकसा दिया, जिसका अंत बेहद खौफनाक रहा. फोटोग्राफर और कंटेंट क्रिएटर आलोक गुप्ता की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

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प्रयागराज में दोस्ती, जलन और बेरोजगारी के ताने ने एक युवक को ऐसी साजिश रचने के लिए उकसा दिया, जिसका अंत बेहद खौफनाक रहा. फोटोग्राफर और कंटेंट क्रिएटर आलोक गुप्ता की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए शव को सैकड़ों किलोमीटर दूर मध्य प्रदेश की पहाड़ियों में ले जाकर फेंक दिया गया.

बेरोजगारी के मजाक से बढ़ती गई दुश्मनी

डीसीपी सिटी सागर जैन के अनुसार, आलोक गुप्ता प्रयागराज के धूमनगंज इलाके के हरवारा में किराये के कमरे में रहता था और उसके साथ उसका दोस्त शुभम यादव भी रहता था. पुलिस जांच में सामने आया कि आलोक की आमदनी अच्छी थी और उसका रहन-सहन भी बेहतर था, जबकि शुभम बेरोजगार था. आरोप है कि आलोक अक्सर शुभम की बेरोजगारी को लेकर मजाक करता था. पुलिस का कहना है कि लगातार होने वाले इस मजाक से शुभम के मन में नाराजगी और जलन बढ़ती चली गई.

कमरे में ही रची गई हत्या की साजिश

पुलिस के मुताबिक, इसी रंजिश ने आगे चलकर हत्या की साजिश का रूप ले लिया. शुभम ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर आलोक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. आरोप है कि योजना के तहत कमरे में ही आलोक को गोली मार दी गई. इसके बाद तीनों ने शव को एक बड़े बैग में रखा और कार से मध्य प्रदेश की ओर रवाना हो गए. वहां सुहागी पहाड़ी से शव को नीचे फेंक दिया गया, ताकि वारदात के सबूत मिटाए जा सकें.

CCTV फुटेज से खुली हत्या की अहम कड़ी

आलोक के अचानक गायब होने के बाद उसके परिवार ने धूमनगंज थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और इलाके में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. फुटेज में शुभम और उसके दो साथी एक बड़ा बैग कार में रखते हुए नजर आए. इसी फुटेज ने पुलिस को संदेह की दिशा दी और जांच तेजी से आगे बढ़ी.

आरोपियों तक ऐसे पहुंची पुलिस 

जांच के बीच मध्य प्रदेश में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली. परिवार के सदस्यों से पहचान कराए जाने के बाद शव की पहचान आलोक गुप्ता के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला और शुभम तथा उसके दोनों साथियों तक पहुंच गई. तीनों को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ शुरू की.

पिस्टल और कार बरामद

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शुभम ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की और बताया कि वह आलोक से जलन रखता था. बेरोजगारी को लेकर किए जाने वाले मजाक से भी वह लगातार परेशान था. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई पिस्टल और शव को मध्य प्रदेश ले जाकर ठिकाने लगाने में इस्तेमाल कार बरामद कर ली है. फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है.

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