H1N1: उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा-ए (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों, जिला अस्पतालों, सीएचसी, पीएचसी और मेडिकल कॉलेजों में H1N1 की जांच मुफ्त की जाएगी. वहीं, निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों को तय शुल्क से ज्यादा पैसे न लेने के निर्देश दिए गए हैं.
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में स्वाइन फ्लू की स्थिति की समीक्षा की. अधिकारियों ने बताया कि 2 सितंबर तक जांच में 685 लोगों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई है. यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के खांसने या छींकने से निकलने वाली छोटी बूंदों के जरिए फैल सकती है. तेज बुखार, नाक बहना, खांसी, गले में दर्द, सिरदर्द, शरीर में दर्द और आंखों में लालिमा इसके आम लक्षण हैं.
आशा और एएनएम घर-घर करेंगी जांच
मुख्यमंत्री ने गांव और मोहल्ले के स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. आशा, एएनएम और दूसरे स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर ऐसे लोगों की पहचान करेंगे, जिनमें स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई दे रहे हैं.
65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों पर खास नजर रखी जाएगी.
सभी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए अलग काउंटर और हेल्प डेस्क बनाने को कहा गया है. गंभीर मरीजों के इलाज के लिए विशेष आईसीयू की व्यवस्था भी की जाएगी. जिन लोगों में हल्के लक्षण हैं, उन्हें डॉक्टर की सलाह से घर पर ही रहने की सलाह दी जाएगी. इससे अस्पतालों पर अनावश्यक भीड़ का दबाव कम होगा और गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा.
दवाओं और जांच किट की पर्याप्त व्यवस्था
बैठक में प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के अधिकारियों ने बताया कि अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच के लिए पर्याप्त आरटी-पीसीआर किट मौजूद हैं. इसके अलावा ओसेल्टामिविर दवा और एच1एन1 वैक्सीन की भी पर्याप्त उपलब्धता बताई गई है.
मुख्यमंत्री ने टेली-कंसल्टेशन की व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. इसका फायदा यह होगा कि सामान्य लक्षण वाले मरीज घर से ही डॉक्टर से सलाह ले सकेंगे और जरूरत पड़ने पर अस्पताल जाने का फैसला किया जा सकेगा.
गंभीर लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू को लेकर डर या अफवाह न फैलाएं. हालांकि, कुछ लक्षणों को गंभीरता से लेना जरूरी है. सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बहुत ज्यादा कमजोरी या नींद आना, ब्लड प्रेशर कम होना और खांसी के साथ खून आना गंभीर संकेत हो सकते हैं.
ऐसे लक्षण दिखाई देने पर मरीज को बिना देरी किए अस्पताल ले जाना चाहिए. सरकार ने स्वास्थ्य विभाग को सार्वजनिक जगहों पर हाथ साफ रखने और मास्क पहनने को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और लोगों के बीच बेवजह डर का माहौल न बने.