The Raja Saab Review: दमदार या सिरदर्द.. कैसी है प्रभास की नई फिल्म ‘द राजा साब’?

The Raja Saab Movie Review: ‘द राजा साब’ की कहानी एक ऐसे किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है जो हालात से लड़ता है, सत्ता से टकराता है और खुद को साबित करने निकल पड़ता है. कहानी का आइडिया दमदार है, लेकिन उसकी प्रस्तुति में वही पुराना घिसा-पिटा फॉर्मूला नजर आता है.

Prabhas new movie The Raja saab Review in hindi
Image Source: Social Media

लेखक: मारुति
निर्देशक: मारुति
निर्माता: टी.जी. विश्व प्रसाद
रिलीज: 9 जनवरी 2026
रेटिंग: ⭐⭐✨ (2.5/5)

द राजा साब कलाकार: प्रभास , संजय दत्त , निधि अग्रवाल , मालविका मोहनन , रिद्धि कुमार , बोमन ईरानी और जरीना वहाब

The Raja Saab Movie Review: बड़े बजट, बड़े स्टार और बड़े वादों के साथ आई प्रभास की फिल्म ‘द राजा साब’… लेकिन सवाल वही पुराना—क्या राजा सच में दिलों पर राज कर पाया या सिर्फ़ ताज पहनकर रह गया?

‘द राजा साब’ की कहानी एक ऐसे किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है जो हालात से लड़ता है, सत्ता से टकराता है और खुद को साबित करने निकल पड़ता है. कहानी का आइडिया दमदार है, लेकिन उसकी प्रस्तुति में वही पुराना घिसा-पिटा फॉर्मूला नजर आता है. पहला हाफ थोड़ा पकड़ बनाता है, मगर सेकंड हाफ आते-आते कहानी अनुमानित हो जाती है. फिल्म की कहानी न बुरी है, न ही बहुत खास है, बस चलाऊ है.

स्टार कास्ट और एक्टिंग

प्रभास अपने स्टारडम के बोझ तले दबे नजर आते हैं. कुछ सीन में उनका स्क्रीन प्रेजेंस दमदार है, लेकिन इमोशनल सीन्स में वो असर छोड़ने से चूकते हैं. हीरोइन का रोल सतही है, एक्टिंग ठीक-ठाक लेकिन याद रहने लायक नहीं. सपोर्टिंग कास्ट कहानी को सहारा देती है, मगर किसी का भी किरदार दिल में जगह नहीं बना पाता.

डायरेक्शन

डायरेक्टर की सोच बड़ी थी, लेकिन एक्सीक्यूशन में कसर रह गई. कई सीन खिंचे हुए लगते हैं और जहां इमोशन होना चाहिए था, वहां स्टाइल हावी हो जाता है.

सिनेमेटोग्राफी

फिल्म का विज़ुअल ट्रीटमेंट इसकी सबसे मजबूत कड़ी है. ग्रैंड सेट्स, स्लो-मो शॉट्स और लार्ज-स्केल फ्रेम्स आंखों को अच्छे लगते हैं.

म्यूजिक & बैकग्राउंड स्कोर

गाने औसत हैं—ना ज़ुबान पर चढ़ते हैं, ना पूरी तरह निराश करते हैं. इसका म्यूजिक वन-टाइम लिसन है. हालांकि बैकग्राउंड म्यूजिक कुछ सीन्स में असरदार है, लेकिन ओवरयूज़ भी खटकता है.

स्क्रीनप्ले & डायलॉग्स

स्क्रीनप्ले फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी बनकर उभरता है. कई जगह कहानी धीमी पड़ती है और डायलॉग्स भारी-भरकम होने के बावजूद प्रभाव नहीं छोड़ पाते. स्क्रीनप्ले टाइट होता तो फिल्म बेहतर हो सकती थी.

मूवी को लेकर अंतिम राय

‘द राजा साब’ में बड़े पैमाने, प्रभास का स्टार पावर और ग्लैमर है,लेकिन कहानी की कमजोर स्टोरीलाइन, फ्लैट डायरेक्शन और कमजोर सपोर्टिंग कैरेक्टर्स. फिल्म को सिर्फ़ एक दर्शनीय विज़ुअल स्केल तक सीमित कर देते हैं.फैंस को प्रभास देखने का मज़ा जरूर मिलेगा,लेकिन ओपनिंग डे के बाद यह फिल्म लॉन्ग रन बॉक्स ऑफिस हिट नहीं बन पाएगी.

‘द राजा साब’ की स्टार कास्ट नामों से भारी है, पर परफॉर्मेंस से हल्की.प्रभास के अलावा कोई भी किरदार फिल्म को यादगार बनाने में कामयाब नहीं होता,और प्रभास भी स्क्रिप्ट की कमजोरी में फँस जाते हैं.

‘द राजा साब’ ना तो पूरी तरह खराब फिल्म है,ना ही ऐसी जो याद रखी जाए. यह फिल्म प्रभास के फैंस के लिए एक बार देखी जा सकती है,लेकिन आम दर्शकों के लिए ये सिर्फ़ एक औसत सिनेमाई अनुभव बनकर रह जाती है.

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