Trishul Exercise: भारत के त्रिशूल-2025 सैन्य अभ्यास ने पाकिस्तान में खलबली मचा दी है. इस अभ्यास की गूंज अब आतंक से जुड़ी राजनीतिक पार्टियों तक पहुँच गई है. इसी तनाव के बीच, आतंकी हाफिज सईद की सरपरस्ती वाली पार्टी मिल्ली मुस्लिम लीग (एमएमएल) ने लाहौर के मीनार-ए-पाकिस्तान पर होने वाले अपने वार्षिक सम्मेलन को अचानक स्थगित कर दिया है. एमएमएल को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जमात-उद-दावा (JuD) का राजनीतिक चेहरा माना जाता है.
यह निर्णय संगठन के शीर्ष नेतृत्व ने “बाहरी खतरों” का हवाला देते हुए लिया. यह सम्मेलन 2 नवंबर को आयोजित होना था और इसमें हाफिज सईद के खुद शामिल होने की संभावना थी. सूत्रों का कहना है कि “त्रिशूल अभ्यास” के चलते सुरक्षा जोखिम बढ़ने की आशंका जताई गई, जिसके कारण यह कार्यक्रम स्थगित किया गया.
लश्कर कमांडरों ने यह ऐलान अनौपचारिक नुक्कड़ सभाओं के ज़रिए किया और बताया कि हाफिज सईद ने इस फैसले को स्वयं मंजूरी दी है. हालांकि, एमएमएल की ओर से इस सम्मेलन की नई तारीख की घोषणा अब तक नहीं की गई है.
भारत का अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त युद्धाभ्यास
भारत की तीनों सेनाएँ (थल, जल और वायु) इस समय पश्चिमी सीमा के पास ‘त्रिशूल 2025’ नामक विशाल युद्धाभ्यास कर रही हैं. 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में करीब 25,000 सैनिक हिस्सा ले रहे हैं. अभ्यास का उद्देश्य है कि तीनों सेनाओं के बीच समन्वय को परखना और किसी भी परिस्थिति के लिए संयुक्त युद्ध रणनीति को मजबूत करना.
एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने बताया, “यह नियमित सैन्य परंपरा का हिस्सा है. हर वर्ष इस तरह के अभ्यास होते हैं, लेकिन इस बार अभियानों का पैमाना और जटिलता पहले से कहीं अधिक है.”
पाकिस्तानी सेना और सरकार की बेचैनी
‘त्रिशूल’ के चलते इस्लामाबाद में भी हलचल है. पाकिस्तान ने पांच दिनों में दूसरा NOTAM (Notice to Airmen) जारी करते हुए अपने दक्षिणी और तटीय हवाई क्षेत्र को 1 से 30 नवंबर तक बंद कर दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान यह कदम अपनी सैन्य सतर्कता बढ़ाने के लिए उठा रहा है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके.
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