Gwalior Kissing Car: ग्वालियर में सोशल मीडिया पर वायरल होने के चक्कर में एक युवक को महंगा पड़ गया. करीब 3400 लिपस्टिक किस मार्क्स से अपनी Swift कार को सजाया गया. इस काम में करीब साढ़े तीन घंटे लगे और 800 से 900 रुपये की लिपस्टिक खर्च हुई. इसके बाद कार की Reel बनाई गई, जो देखते ही देखते करीब 55 लाख व्यूज तक पहुंच गई.
लेकिन इस वायरल वीडियो पर सिर्फ सोशल मीडिया यूजर्स की नजर नहीं थी. ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस ने भी वीडियो देखा और कार की पहचान शुरू कर दी. कुछ समय बाद पुलिस ने कार बरामद कर ली और मालिक आदित्य सिकरवार पर करीब 5500 रुपये का चालान लगाया. इतना ही नहीं, जिस कार को वायरल होने के लिए लिपस्टिक से सजाया गया था, उसी के निशान बाद में आदित्य को खुद साफ करने पड़े.
कैसे आया 'किसिंग कार' का आइडिया?
सोशल मीडिया पर एक ऐसा ट्रेंड चल रहा था, जिसमें कार को लिपस्टिक के किस मार्क्स से सजाकर वीडियो बनाया जा रहा था. आदित्य की महिला मित्र को भी यह आइडिया पसंद आया. उसे लगा कि अगर कुछ अलग किया जाए तो Reel सोशल मीडिया पर वायरल हो सकती है.
इसके बाद दोनों ने मिलकर इस आइडिया पर काम करने का फैसला किया. कार को एक जगह पार्क किया गया और महिला मित्र ने उस पर लिपस्टिक के निशान बनाने शुरू कर दिए.
साढ़े तीन घंटे में बनाए 3400 किस मार्क्स
आदित्य के मुताबिक, उसकी महिला मित्र ने करीब साढ़े तीन घंटे तक मेहनत करके कार पर लगभग 3400 किस मार्क्स बनाए. इस काम में करीब 800 से 900 रुपये की लिपस्टिक और दूसरी चीजों का इस्तेमाल हुआ.
आदित्य ने बताया कि पूरी योजना उसकी महिला मित्र की थी. वह कार को पार्क करके कुछ समय के लिए वहां से चला गया था. इसी दौरान उसकी मित्र ने कार को लिपस्टिक के निशानों से भर दिया. इसके बाद कार की Reel बनाई गई और उसे इंस्टाग्राम पर डाल दिया गया.
55 लाख व्यूज मिले, फिर पुलिस पहुंच गई
Reel पोस्ट होने के बाद उम्मीद के मुताबिक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा. आदित्य के अनुसार, वीडियो को करीब 55 लाख व्यूज मिले. शुरुआत में यह उसके लिए बड़ी सोशल मीडिया कामयाबी लग रही थी.
लेकिन वीडियो पर ग्वालियर ट्रैफिक पुलिस की नजर भी पड़ गई. पुलिस के मुताबिक, वीडियो में लिपस्टिक के निशानों से ढकी Swift सड़क पर चलती दिखाई दे रही थी. इसके बाद पुलिस ने वीडियो से मिले सुरागों के आधार पर कार और उसके मालिक की पहचान शुरू की. जांच के बाद पुलिस टीम ग्वालियर के थाटीपुर इलाके तक पहुंची और कार को बरामद कर ट्रैफिक थाने ले आई.
मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया
कार मिलने के बाद पुलिस ने आदित्य सिकरवार को भी थाने बुलाया. पूछताछ में उसने बताया कि यह सब सोशल मीडिया ट्रेंड का हिस्सा था और ज्यादा लोगों तक पहुंच बनाने के लिए Reel बनाई गई थी.
ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी के मुताबिक, वीडियो करीब दो दिन पहले सामने आया था. जांच के बाद वाहन और चालक की पहचान कर ली गई. इसके बाद मोटर व्हीकल एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत करीब 5500 रुपये का चालान किया गया.
थाने में खुद साफ करने पड़े लिपस्टिक के निशान
मामले का सबसे दिलचस्प हिस्सा इसके बाद आया. पुलिस के मुताबिक, आदित्य ने अपनी गलती मान ली. इसके बाद उसे थाने में खड़ी अपनी कार से लिपस्टिक के निशान खुद साफ करने पड़े. जिस कार को 3400 किस मार्क्स से सजाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, उसी कार के निशान कुछ समय बाद पुलिस स्टेशन में बैठकर साफ करने पड़े.
पुलिस के अनुसार, आदित्य सोशल मीडिया पर कंटेंट बनाने का काम करता है. शुरुआती जांच में सामने आया कि यह पूरा वीडियो ज्यादा व्यूज और फॉलोअर्स पाने के लिए बनाया गया था. आदित्य ने पुलिस को भरोसा दिया कि आगे वह ट्रैफिक नियमों का पालन करेगा और ऐसी हरकत दोबारा नहीं करेगा.
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