BRICS Summit 2026: भारत मंडपम में शुक्रवार को भारत-रूस रिश्तों की एक अहम तस्वीर देखने को मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का स्वागत किया. दोनों नेताओं की मुलाकात पर अंतरराष्ट्रीय जगत की नजर है. बैठक में व्यापार, ऊर्जा और रक्षा से लेकर तकनीक व रणनीतिक सहयोग तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है.
भारत पहुंचे पुतिन, मोदी से हुई मुलाकात
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन तीन दिवसीय भारत दौरे पर शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे हैं. वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और ऊर्जा सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे. फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब पुतिन रूस से बाहर आयोजित किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल हो रहे हैं. उनके साथ एक उच्चस्तरीय रूसी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है.
100 अरब डॉलर के व्यापार लक्ष्य पर नजर
मोदी-पुतिन वार्ता में 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य पर भी चर्चा हो सकती है. भारत में रूस के INNOPROM कार्यक्रम के जरिए औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, रेल और टनलिंग क्षेत्र में साझेदारी, स्टील वैल्यू चेन और B2B अवसरों को मजबूत करने पर जोर है. इसके अलावा रूसी बाजार में भारतीय कंपनियों की पहुंच, असैन्य परमाणु सहयोग, फ्यूल साइकिल और लाइफ साइकिल सपोर्ट जैसे मुद्दे भी बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं.
रक्षा से ऊर्जा और टेक्नोलॉजी तक चर्चा
दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा, तकनीक, फार्मा और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग पर बातचीत होने की संभावना है. भारत रूस में कुशल भारतीय श्रमिकों की संख्या बढ़ाने और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दे रहा है. फर्टिलाइजर सेक्टर में रणनीतिक संयुक्त उपक्रमों के जरिए सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हो सकती है.
ब्रह्मोस और S-400 पर भी निगाहें
भारत और रूस के रक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दे भी बैठक में अहम रह सकते हैं. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पहले बताया था कि दोनों देश ब्रह्मोस मिसाइल को अपग्रेड करने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं. रूस भारत को बाकी S-400 सिस्टम देने के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि सुखोई-57 लड़ाकू विमानों की संभावित आपूर्ति को लेकर भी बातचीत जारी है.
SCO में हुई थी मोदी-पुतिन की मुलाकात
मोदी और पुतिन की इससे पहले पिछले सप्ताह बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात हुई थी. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संघर्ष को जल्द खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया था. उन्होंने पुतिन से अंतहीन युद्ध से निकलकर युद्ध के अंत की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया था. अब दिल्ली में होने वाली बैठक में द्विपक्षीय रिश्तों के साथ वैश्विक मुद्दों पर भी दोनों नेताओं की नजर रहेगी.
पेजेशकियन से भी मिलेंगे पीएम मोदी
रूस के राष्ट्रपति के साथ मुलाकात के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से भी द्विपक्षीय वार्ता करेंगे. राष्ट्रपति बनने के बाद पेजेशकियन की यह पहली भारत यात्रा है. वह ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे हैं. दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक संबंध मजबूत करने पर चर्चा होगी. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान पर अमेरिका के नए आर्थिक प्रतिबंधों के बीच इस मुलाकात को भी अहम माना जा रहा है. पेजेशकियन ने दिल्ली रवाना होने से पहले ब्रिक्स देशों की आर्थिक ताकत बढ़ाने और डॉलर पर निर्भरता कम करने की जरूरत पर जोर दिया था.
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