BRICS Summit: भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में जारी खटास अब BRICS Summit तक पहुंचती नजर आ रही है. दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत की ओर से बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को न्योता दिया गया था, लेकिन ढाका ने अब तक इस निमंत्रण को औपचारिक मंजूरी नहीं दी है. खास बात यह है कि बांग्लादेश मौजूदा समय में BIMSTEC का अध्यक्ष है और इसी हैसियत से वह BRICS Summit में हिस्सा ले सकता था. इसके बावजूद उसके शामिल न होने से दोनों पड़ोसी देशों के बीच बढ़ती दूरी को लेकर सवाल उठ रहे हैं.
BRICS में बांग्लादेश की गैरमौजूदगी
BRICS Summit में कई क्षेत्रीय संगठनों के मौजूदा अध्यक्ष देशों को शामिल होने का मौका दिया गया है. इनमें ASEAN, अफ्रीकी संघ, Gulf Cooperation Council, Community of Latin American and Caribbean States और Eurasian Economic Union के अध्यक्ष देश शामिल हैं. ऐसे में BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष बांग्लादेश का सम्मेलन से दूर रहना कूटनीतिक तौर पर खासा अहम माना जा रहा है.
बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने गुरुवार को ढाका में दावा किया कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान को BRICS Summit के लिए उचित तरीके से निमंत्रण नहीं दिया गया. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर सरकार को औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला है तो बांग्लादेश इस सम्मेलन में कैसे शामिल हो सकता है. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि प्रधानमंत्री रहमान की भारत की पहली यात्रा किसी बहुपक्षीय कार्यक्रम के बजाय द्विपक्षीय दौरे के तौर पर होनी चाहिए.
‘आपसी सम्मान’ पर बांग्लादेश का जोर
बांग्लादेश की ओर से कहा गया है कि फिलहाल उसका जोर भारत के साथ द्विपक्षीय बातचीत और यात्राओं पर है. विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि जब दोनों देशों के बीच माहौल बेहतर होगा और आपसी सम्मान बना रहेगा, तब द्विपक्षीय यात्राओं को आगे बढ़ाया जाएगा. इस बयान को भारत-बांग्लादेश संबंधों में जारी तनाव के बीच एक अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.
ढाका की ओर से प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग से भी जोड़ने की कोशिश की जा रही है. शेख हसीना अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हटने के बाद भारत में रह रही हैं. बांग्लादेश लगातार उनकी वापसी की मांग करता रहा है और यही मुद्दा दोनों देशों के बीच रिश्तों में संवेदनशील बना हुआ है.
शेख हसीना के मुद्दे से बढ़ी दूरी
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि पिछले महीने भारत से शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के कारण प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर चल रही तैयारियों पर असर पड़ा. ढाका के लिए शेख हसीना का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण है, जबकि भारत और बांग्लादेश के बीच इसी मामले को लेकर लगातार कूटनीतिक मतभेद सामने आते रहे हैं.
इसी बीच दिल्ली में BRICS Summit के लिए दुनिया के कई बड़े नेता पहुंच रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गुरुवार देर रात भारत पहुंच चुके हैं. बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के दिल्ली आने को लेकर लंबे समय तक असमंजस की स्थिति बनी रही. इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा था कि प्रधानमंत्री रहमान की यात्रा को लेकर उनके पास फिलहाल कोई नई जानकारी नहीं है.
बांग्लादेश को औपचारिक न्योता दिया-भारत
भारत ने बांग्लादेश के इस रुख के बीच साफ किया है कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान को भारत आने का औपचारिक निमंत्रण दिया गया था. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जैसे ही इस मामले में कोई नई जानकारी होगी, उसे साझा किया जाएगा. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री को भारत आने के लिए औपचारिक तौर पर आमंत्रित किया है.
हालांकि, दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है. भारत ने बांग्लादेश के साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. ढाका में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेश के राष्ट्रपति मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के बीच हुई मुलाकात को भी दोनों देशों के बीच संवाद और रिश्तों को बेहतर करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया गया है. ऐसे में BRICS Summit में बांग्लादेश की गैरमौजूदगी के बावजूद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क जारी रहना आने वाले समय में रिश्तों की दिशा के लिए अहम होगा.
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