सज चुका है कूटनीति का मंच, आज PM मोदी से मिलेंगे पुतिन, क्रूड ऑयल से डिफेंस डील तक इन मुद्दों पर होगी बात

BRICS Summit 2026 में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 11 से 13 सितंबर तक भारत में रहेंगे. PM मोदी से द्विपक्षीय बैठक के अलावा क्रूड ऑयल, रक्षा, व्यापार और निवेश पर चर्चा होगी.

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BRICS Summit 2026: BRICS Summit को लेकर दिल्ली में तैयारियां तेज हैं और दुनिया की नजर भारत पर टिकी हुई है. सम्मेलन में शामिल होने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच रहे हैं, लेकिन उनके दौरे का सबसे अहम हिस्सा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 11 सितंबर को होने वाली द्विपक्षीय बैठक होगी. इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच कच्चे तेल, व्यापार, रक्षा, निवेश और रणनीतिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है. रक्षा क्षेत्र में संभावित अहम समझौतों और नई घोषणाओं को लेकर भी खास दिलचस्पी बनी हुई है. इससे पहले बिश्केक में दोनों नेताओं की मुलाकात के दौरान उनकी खास बॉन्डिंग भी देखने को मिली थी.

पुतिन के दौरे में क्या-क्या होगा?

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का 11 सितंबर से 13 सितंबर तक का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है. 11 सितंबर को वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. इसके अलावा पुतिन इनोपरोम प्रदर्शनी का दौरा करेंगे और BRICS बिजनेस फोरम को संबोधित करेंगे. इस दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति, मलेशिया के प्रधानमंत्री और BRICS न्यू डेवलपमेंट बैंक के प्रमुख के साथ भी उनकी बैठकें प्रस्तावित हैं. मिस्र के नेता के साथ मुलाकात की व्यवस्था भी की जा रही है.

12 सितंबर को पुतिन BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. इस दौरान वह भारतीय इनोवेशन प्रदर्शनी का दौरा करेंगे और अन्य BRICS नेताओं के साथ पौधारोपण कार्यक्रम में शामिल होंगे. इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह में भी रूसी राष्ट्रपति मौजूद रहेंगे. इसी दिन उनकी इथियोपिया के प्रधानमंत्री और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ बैठक भी प्रस्तावित है. 13 सितंबर को पुतिन BRICS बैठक में हिस्सा लेकर अपने कार्यक्रम को आगे बढ़ाएंगे.

शी जिनपिंग भी आएंगे दिल्ली

BRICS Summit में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी भी अहम रहने वाली है. शी जिनपिंग 12 सितंबर को दिल्ली पहुंचेंगे और रविवार को रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत कर सकते हैं. करीब छह साल बाद शी की भारत यात्रा हो रही है. इससे पहले वह अक्टूबर 2019 में भारत आए थे. इसके बाद 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प ने दोनों देशों के रिश्तों पर गहरा असर डाला था. हालांकि, पिछले कुछ समय से भारत और चीन के बीच रिश्तों में सुधार और विश्वास बहाली की कोशिशें जारी हैं.

विदेशी मेहमानों के ठहरने की खास व्यवस्था

BRICS Summit में शामिल होने वाले विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के लिए दिल्ली के अलग-अलग प्रमुख होटलों में ठहरने की व्यवस्था की गई है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति, इथियोपिया के प्रधानमंत्री, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति, थाईलैंड के उप-प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री एक ही होटल में ठहरेंगे. वहीं अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ सऊदी अरब, बहरीन और ब्राजील के वित्त मंत्रियों के लिए दूसरे होटल में व्यवस्था की गई है.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन बांग्लादेश के VIP मेहमानों के साथ एक होटल में ठहरेंगे. दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति के लिए बुरुंडी के राष्ट्रपति के साथ एक ही होटल में रहने की व्यवस्था की गई है. फिलीपींस के राष्ट्रपति, वियतनाम के प्रधानमंत्री, बोलीविया के VIP मेहमान और क्यूबा तथा उरुग्वे के वित्त मंत्री भी एक ही होटल में ठहरेंगे.

ईरान के राष्ट्रपति के लिए अलग होटल की व्यवस्था की गई है. वहीं चीन और बेलारूस के राष्ट्रपति के एक ही होटल में ठहरने की जानकारी सामने आई है. मलेशिया के प्रधानमंत्री, नाइजीरिया के राज्य मंत्री, युगांडा के उपराष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के लिए भी एक ही होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है. इस तरह दिल्ली में BRICS Summit के दौरान सुरक्षा से लेकर मेहमानों के ठहरने तक हर स्तर पर विशेष इंतजाम किए गए हैं.

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