Indian Economy: दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं इस समय धीमी रफ्तार का सामना कर रही हैं. ऐसे दौर में भारत की अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है. चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी रही. यह आंकड़ा अनुमान से काफी बेहतर है और इसने कई आर्थिक जानकारों का ध्यान खींचा है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी भारत की तेज आर्थिक रफ्तार की तारीफ की है. IMF के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बनी हुई है.
सर्विस सेक्टर ने दी अर्थव्यवस्था को रफ्तार
IMF की प्रवक्ता जूली कोजैक ने भारत की GDP ग्रोथ के पीछे की वजहों पर बात की. उन्होंने कहा कि 7.8 फीसदी की ग्रोथ IMF के स्टाफ के अनुमान से काफी ज्यादा रही. इस बढ़त में सर्विस सेक्टर की बड़ी भूमिका रही है. इसके साथ ही भारत के एक्सपोर्ट में भी अच्छी तेजी देखने को मिली है.
VIDEO | Washington, USA: IMF Director of Communications Julie Kozack says, "India's real GDP in the second quarter grew by 7.8 per cent. That was above our staff expectations and also the consensus among other observers. This upward surprise was driven by stronger than expected activity in the services sector and also in exports. And I think what we would say is the outturn also underscores the resilience of the Indian economy, despite the energy price shock." (Full video available on PTI Videos - https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) September 10, 2026
मजबूत घरेलू मांग के साथ ग्लोबल डिमांड ने भी भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा दिया. सर्विस सेक्टर लंबे समय से देश की आर्थिक गतिविधियों में अहम योगदान दे रहा है. भारत की GDP ग्रोथ के ताजा आंकड़े भी इसकी मजबूत स्थिति को दिखाते हैं.
महंगे कच्चे तेल का नहीं पड़ा बड़ा असर
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत बढ़ने का असर महंगाई, व्यापार और कंपनियों की लागत पर पड़ता है. इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी रफ्तार बनाए रखी.
जूली कोजैक के मुताबिक, ऊर्जा की कीमतों में आए झटके के बावजूद भारत का मजबूत प्रदर्शन उसकी अर्थव्यवस्था की ताकत को दिखाता है. वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियों के बीच भी भारत दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक अहम ग्रोथ इंजन बना हुआ है.
आर्थिक डेटा में सुधार की IMF ने की तारीफ
IMF ने GDP ग्रोथ के साथ भारत में किए जा रहे सांख्यिकीय सुधारों की भी सराहना की है. सरकार ने नए GDP आंकड़ों में नया औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) शामिल किया है.
इन बदलावों से देश में आर्थिक गतिविधियों को पहले के मुकाबले ज्यादा सही तरीके से मापने में मदद मिल सकती है. IMF ने डेटा की गुणवत्ता बेहतर करने के भारत के प्रयासों का स्वागत किया है. बेहतर आंकड़ों से सरकार और अर्थशास्त्रियों को नीतियां बनाने और आर्थिक फैसले लेने में भी मदद मिलेगी.