प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सेशेल्स दौरा केवल कूटनीतिक मुलाकातों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और भारत-सेशेल्स की गहरी मित्रता का भी प्रतीक बनकर सामने आया. स्वर्ण जयंती राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने पहुंचे पीएम मोदी ने सेशेल्स के प्रसिद्ध नेशनल बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया, जहां उन्होंने दुनिया के सबसे विशाल और सबसे अधिक उम्र तक जीवित रहने वाले अल्डाब्रा जायंट कछुओं को करीब से देखा. इस दौरान राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ उनका नारियल पानी पीते हुए और वृक्षारोपण करते हुए दृश्य भी चर्चा का विषय बन गया.
प्रकृति के बीच दिखी भारत-सेशेल्स की दोस्ती
तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ सेशेल्स नेशनल बॉटनिकल गार्डन का भ्रमण किया. दोनों नेताओं ने यहां मौजूद अल्डाब्रा जायंट टॉर्टोइज के विशेष एनक्लोजर का निरीक्षण किया. पीएम मोदी ने इस अनुभव को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए कहा कि यह केवल वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक नहीं, बल्कि भारत और सेशेल्स के वर्षों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों का भी एक अहम हिस्सा है.
#WATCH | विक्टोरिया, सेशेल्स: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स में बॉटनिकल गार्डन का दौरा किया।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 27, 2026
सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी भी मौजूद रहे।
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दो सदियों का इतिहास समेटे हैं अल्डाब्रा जायंट कछुए
अल्डाब्रा जायंट टॉर्टोइज दुनिया की सबसे बड़ी स्थलीय कछुआ प्रजातियों में गिने जाते हैं. इनकी सबसे बड़ी खासियत इनकी लंबी आयु है. कई कछुए 200 वर्षों से भी अधिक समय तक जीवित रहते हैं और अपने जीवनकाल में इतिहास के कई दौर देख चुके हैं. यही वजह है कि इन्हें जैव विविधता और प्राकृतिक धरोहर का अनमोल प्रतीक माना जाता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इन दुर्लभ कछुओं का भारत से भी विशेष जुड़ाव है. वर्ष 2014 में सेशेल्स सरकार ने दो अल्डाब्रा जायंट कछुओं को कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर को उपहार स्वरूप दिया था. इसके बाद कुछ वर्षों में हैदराबाद चिड़ियाघर को भी ऐसे कई कछुए भेंट किए गए, जिसने दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत किया.
दुनिया के सबसे बुजुर्ग स्थलीय जीव 'जोनाथन' से हुई मुलाकात
सेशेल्स दौरे का सबसे खास पल तब आया जब प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के सबसे अधिक उम्र वाले जीवित स्थलीय जीव 'जोनाथन' से मुलाकात की. जोनाथन अल्डाब्रा जायंट कछुए की उप-प्रजाति से संबंधित है और उसकी अनुमानित उम्र करीब 194 वर्ष बताई जाती है. यह ऐतिहासिक कछुआ जेम्सटाउन स्थित नेशनल बॉटनिकल गार्डन में रहता है और दुनिया भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र माना जाता है. इतनी लंबी उम्र और स्वस्थ जीवन के कारण जोनाथन केवल एक जीव नहीं, बल्कि प्राकृतिक विरासत और संरक्षण का जीवंत उदाहरण बन चुका है.
'कोको डी मेर' का पौधा लगाया
बॉटनिकल गार्डन में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया. दोनों नेताओं ने सेशेल्स के प्रतिष्ठित और दुर्लभ 'कोको डी मेर' पौधे का रोपण किया. पीएम मोदी ने बताया कि 'कोको डी मेर' केवल एक पेड़ नहीं, बल्कि सेशेल्स की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसे देश के कोट ऑफ आर्म्स में भी स्थान मिला हुआ है. यह पौधा अपने विशाल बीजों और दुनिया के सबसे भारी फलों के लिए प्रसिद्ध है, जिसकी वजह से इसे वैश्विक स्तर पर विशेष पहचान मिली है.
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