PM Modi in Somnath: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के सोमनाथ मंदिर में स्वाभिमान पर्व में मौजूद हैं. जहां उन्होंने 108 अश्वों के साथ निकाली गई शौर्य यात्रा में शिरकत की. आपको बता दें कि ये यात्रा सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले अनगिनत वीर योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उद्देश्य से निकाली गई थी. जो शौर्य, साहस और बलिदान का प्रतीक माना जाता है.
वहीं इसके बाद पीएम मोदी ने पूजा अर्चना के बाद जनसंबोधन में शिरकत की और जनता को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि मैं बहुत बड़ा सौभाग्य मानता हूं मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला है.
कोने-कोने से लाखों लोग जुड़ रहे
जनता को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं, उन सबको मेरी तरफ से जय सोमनाथ. ये समय अद्भुत है, ये वातावरण अद्भुत है, ये उत्सव अद्भुत है. एक ओर देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की ये गूंज, आस्था का ये उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के भक्तों की उपस्थिति... इस अवसर को भव्य और दिव्य बना रही है.
आज देश के कोने-कोने से लाखों लोग हमारे साथ जुड़े हैं, उन सबको मेरी तरफ से जय सोमनाथ।
— BJP (@BJP4India) January 11, 2026
ये समय अद्भुत है, ये वातावरण अद्भुत है, ये उत्सव अद्भुत है।
एक ओर देवाधिदेव महादेव, दूसरी ओर समुद्र की लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की ये गूंज, आस्था का ये उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान… pic.twitter.com/ka0w1R8Rln
गर्व गरिमा और गौरव है
पीएम ने इस दौरान स्वाभिमान पर्व को लेकर कहा कि ये आयोजन इस आयोजन में गर्व है, गरिमा है और गौरव है. उन्होंमे रहा कि गरिमा का ज्ञान है. इसमें वैभव की विरासत है, इसमें अध्यात्म की अनुभूति है, अनुभूति है, आनंद है, आत्मीयता है और देवाधिदेव महादेव का आशीर्वाद है.
मैंने ड्रोन द्वारा देखा
पीएम मोदी ने कहा, '72 घंटों तक अनवरत ओंकार नाद, 72 घंटों का अनवरत मंत्रोच्चार. मैंने देखा, कल रात 1000 ड्रोन द्वारा, वैदिक गुरुकुलों के 1000 विद्यार्थियों की उपस्थिति, सोमनाथ के 1000 वर्षों की गाथा का प्रदर्शन... और आज 108 अश्वों के साथ मंदिर तक शौर्य यात्रा, मंत्रों और भजनों की अद्भुत प्रस्तुति... सब कुछ मंत्र-मुग्ध कर देने वाला है. इस अनुभूति को शब्दों में अभिव्यक्त नहीं किया जा सकता, इसे केवल समय ही संकलित कर सकता है.'
गजनी-औरंगजेब इतिहास में दफन, सोमनाथ वहीं है: PM
उन्होंने कहा कि 'जब गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे, तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है. लेकिन वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते थे, उसके नाम में ही सोम अर्थात् अमृत जुड़ा हुआ है. उसमें हलाहल को पीकर भी अमर रहने का विचार जुड़ा है. उसके भीतर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है, जो कल्याणकारक भी है और प्रचंड तांडव: शिव: यह शक्ति का स्रोत भी है. गजनी से औरंगजेब तक सोमनाथ पर हमला करने वाले तमाम आक्रांता इतिहास के चंद पन्नों में दफन होकर रह गए, लेकिन चिर-चिरातन सोमनाथ मंदिर सागर के तट पर उसी तरह तनकर खड़ा है.'
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