नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी निवास स्थान लोक कल्याण मार्ग पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान और उनके परिवार का स्वागत किया. इस मौके पर पीएम मोदी ने उन्हें भारतीय संस्कृति की पहचान वाले कुछ पारंपरिक उपहार दिए.
उपहार में दिया गुजराती झूला
प्रधानमंत्री ने यूएई के राष्ट्रपति को गुजरात की एक शानदार कारीगरी वाली राजसी लकड़ी की झूला उपहार में दिया. यह झूला हाथ से उकेरे गए फूलों और पारंपरिक डिजाइन से सजा हुआ है, जो गुजरात के कई घरों का हिस्सा होता है. गुजराती संस्कृति में यह झूला एकता, बातचीत और पीढ़ियों के बीच रिश्तों को दर्शाता है. साथ ही, यह उपहार यूएई के 2026 को 'परिवार वर्ष' के रूप में घोषित करने के विचार से भी जुड़ा है.

कश्मीरी पश्मीना शॉल की भेंट
इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति को पशमिना शॉल भी उपहार में दी, जो कश्मीर से आती है. यह शॉल बेहद मुलायम, हल्की और गर्म होती है, जो हाथ से बनाई जाती है. शॉल को तेलंगाना में बनी एक सुंदर चांदी की डिब्बी में रखा गया था, जो भारत की हस्तशिल्प और हैंडलूम की समृद्ध परंपरा को दर्शाता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने हिज़ हाइनेस शेखा फातिमा बिंट मुबारक अल केतबी को भी एक पशमिना शॉल और कश्मीरी केसर का खूबसूरत चांदी की डिब्बी में पैक किया हुआ तोहफा दिया. कश्मीरी केसर अपनी गहरी लाल रंगत और तीव्र खुशबू के लिए प्रसिद्ध है.
दोनों देशों के बीच 100 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार
विदेश मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100.06 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो 19.6 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि को दर्शाता है. इस उपलब्धि के साथ यूएई, भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में और मजबूती से शामिल हो गया है. बीते कुछ सालों में भारत और यूएई के रिश्ते लगातार और मजबूत हुए हैं.
दोनों देशों ने ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीक समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2019 में यूएई द्वारा देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ जायद’ से सम्मानित किया जा चुका है, जो दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों का प्रतीक है.
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