BJP Ruled States: 2026 के चुनावी नतीजे देश की राजनीति की तस्वीर बदलते नजर आ रहे हैं. पश्चिम बंगाल में बीजेपी की सरकार बनना लगभग तय माना जा रहा है. वहीं असम में पार्टी की एकतरफा जीत दिखाई दे रही है और पुडुचेरी में भी बीजेपी गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में है. इन रुझानों के बाद यह साफ दिख रहा है कि देश की राजनीति में एक बार फिर NDA का दबदबा बढ़ गया है.
2014 से 2026 तक NDA का बड़ा विस्तार
अगर पिछले कुछ सालों की बात करें, तो 2014 में NDA सिर्फ 8 राज्यों तक सीमित था. लेकिन अब 2026 में यह आंकड़ा बढ़कर 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों तक पहुंच गया है. यह बढ़त दिखाती है कि बीजेपी और उसके सहयोगी दलों का असर लगातार बढ़ रहा है.
बीजेपी के स्थापना दिवस के आसपास आए ये नतीजे पार्टी के लिए और भी खास माने जा रहे हैं. देश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी का प्रदर्शन यह दिखा रहा है कि उसका जनाधार पहले से ज्यादा मजबूत हुआ है.
𝐅𝐫𝐨𝐦 𝐭𝐡𝐞 𝐡𝐞𝐚𝐫𝐭𝐥𝐚𝐧𝐝 𝐭𝐨 𝐁𝐞𝐧𝐠𝐚𝐥, 𝐭𝐡𝐞 𝐦𝐚𝐩 𝐢𝐬𝐧’𝐭 𝐣𝐮𝐬𝐭 𝐞𝐱𝐩𝐚𝐧𝐝𝐢𝐧𝐠, 𝐢𝐭’𝐬 𝐭𝐡𝐞 𝐛𝐞𝐥𝐢𝐞𝐟 𝐨𝐟 𝐚 𝐧𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 𝐝𝐞𝐭𝐞𝐫𝐦𝐢𝐧𝐞𝐝 𝐭𝐨 𝐩𝐫𝐨𝐠𝐫𝐞𝐬𝐬.
— BJP (@BJP4India) May 4, 2026
North to Northeast, the colour shift is no longer subtle. Bengal is simply the… pic.twitter.com/QODKYqCyU1
किन राज्यों में NDA की सरकार
इस समय देश के कई बड़े राज्यों में बीजेपी या NDA की सरकार है. इनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश जैसे बड़े राज्य शामिल हैं. इसके अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, गोवा, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी NDA का प्रभाव देखने को मिल रहा है.
दिल्ली समेत कई केंद्र शासित प्रदेशों में भी बीजेपी या उसके सहयोगी दलों की पकड़ बनी हुई है. कुल मिलाकर देश के बड़े हिस्से में NDA की मौजूदगी अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई है.
पश्चिम बंगाल की जीत क्यों है खास
इस पूरी तस्वीर में सबसे अहम नाम पश्चिम बंगाल का है. बंगाल में बीजेपी की जीत को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि यहां पार्टी को मजबूत होने में कई साल लग गए. एक समय था जब बंगाल में बीजेपी का खाता तक नहीं खुलता था. लेकिन धीरे-धीरे पार्टी ने यहां अपनी जगह बनाई और अब सरकार बनाने के करीब पहुंच गई है. यह जीत सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि वैचारिक रूप से भी बीजेपी के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
श्यामा प्रसाद मुखर्जी से जुड़ा है बंगाल का रिश्ता
पश्चिम बंगाल बीजेपी के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि है. इस साल उनकी 125वीं जयंती भी मनाई जा रही है. ऐसे में बंगाल में जीत को पार्टी के लिए एक तरह से वैचारिक वापसी माना जा रहा है.
75 साल का लंबा इंतजार
बीजेपी को यहां तक पहुंचने में दशकों का समय लगा है. 1951 में जनसंघ की स्थापना के बाद से लेकर अब तक पार्टी ने करीब 75 साल इंतजार किया है. इतने लंबे समय के बाद अब पार्टी बंगाल में अपनी पहली सरकार बनाने की दहलीज पर खड़ी है.
कैसे बढ़ा बीजेपी का ग्राफ
बंगाल में बीजेपी का सफर आसान नहीं रहा. 2011 में पार्टी का वोट शेयर सिर्फ 4 प्रतिशत था. 2014 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी को ज्यादा सफलता नहीं मिली, लेकिन वोट शेयर बढ़कर 17 प्रतिशत जरूर हो गया.
इसके बाद धीरे-धीरे पार्टी ने अपनी पकड़ मजबूत की. 2021 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 77 सीटें जीतकर मुख्य विपक्षी पार्टी का दर्जा हासिल किया. और अब 2026 में पार्टी सरकार बनाने के करीब पहुंच गई है.
आगे क्या संकेत मिलते हैं
इन चुनावी नतीजों से साफ है कि देश की राजनीति में बीजेपी और NDA का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. खासकर पश्चिम बंगाल जैसी बड़ी और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में बढ़त पार्टी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. अगर यही रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो आने वाले समय में देश की राजनीति में और बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
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