PoK Protests: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो रहे हैं. बड़ी संख्या में लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि आंदोलन को दबाने के लिए सरकार कई इलाकों में खाद्यान्न, ईंधन और दूसरी जरूरी चीजों की आपूर्ति रोक रही है. उनका कहना है कि सरकार आम लोगों पर दबाव बनाकर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.
स्थानीय लोगों के मुताबिक, हजारों प्रदर्शनकारी सस्ती बिजली, राशन पर सब्सिडी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, राजनीतिक अधिकार और प्रशासनिक सुधारों की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि सरकार उनकी बात सुनने के बजाय सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा रही है. कई जगह इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने और आवाजाही पर भी असर पड़ने की खबरें सामने आई हैं.
जरूरी सामान की कमी से बढ़ीं मुश्किलें
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जरूरी सामान की आपूर्ति प्रभावित होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है. कई बाजारों में कारोबार धीमा पड़ गया है, ईंधन की कमी देखने को मिल रही है और रोज कमाकर खाने वाले लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है. इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं.
128 सरकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई
रिपोर्टों के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में अब तक 128 सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है. आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि कुछ रिटायर सैनिकों को भी प्रदर्शन से दूर रहने की चेतावनी दी गई है और ऐसा नहीं करने पर उनकी पेंशन रोकने की बात कही गई है.
हिंसा और गिरफ्तारियों के आरोप
रिपोर्ट्स के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में कई लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों और समर्थकों को हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में केस दर्ज किए गए हैं.
हालांकि, प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई केवल उन लोगों के खिलाफ की जा रही है जो गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल हैं. वहीं प्रदर्शनकारी सरकार पर अपनी आवाज दबाने का आरोप लगा रहे हैं.
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