Japan PM Takaichi On Trump: जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अगले वर्ष के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करने की घोषणा की है. यह जानकारी उन्होंने टोक्यो में आयोजित द्विपक्षीय बैठक के दौरान ट्रंप को दी. इस बैठक में दोनों नेताओं ने अमेरिका-जापान गठबंधन के नए युग की घोषणा करते हुए इसे ‘Golden Age’ कहा.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ताकाइची ने ट्रंप को व्यक्तिगत रूप से बताया कि उन्होंने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है और इसके औपचारिक दस्तावेज भी उन्हें सौंपे. राजनीतिक और व्यक्तिगत दृष्टिकोण से यह ट्रंप के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.
PM Takaichi: “I held a summit meeting and a signing ceremony with President Trump of the United States. I expressed my determination to restore robust Japanese diplomacy with the Japan-U.S. Alliance as its cornerstone. President Trump and I agreed to strongly (1/2) pic.twitter.com/KLb5nH35l9
— PM's Office of Japan (@JPN_PMO) October 28, 2025
अमेरिका-जापान ‘Golden Age’ समझौता क्या है?
बैठक में दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच सहयोग के नए चरण का ऐलान किया. जुलाई में हुई ट्रेड डील की पुष्टि भी की गई, जिसके तहत जापानी उत्पादों पर अमेरिका ने 15% टैरिफ लगाया है. इसके अलावा रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी सहयोग को मजबूत करने का निर्णय लिया गया. विशेषज्ञ इसे चीन द्वारा लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों का जवाब मान रहे हैं.
प्रधानमंत्री ताकाइची ने अपने संबोधन में कहा कि यह सहयोग न केवल आर्थिक बल्कि रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. उन्होंने जोर देकर कहा कि संयुक्त प्रयासों से दोनों देशों को वैश्विक व्यापार और सुरक्षा में मजबूती मिलेगी.
गाज़ा संघर्षविराम में ट्रंप की भूमिका की सराहना
साने ताकाइची ने अमेरिकी राष्ट्रपति की इज़राइल और हमास के बीच संघर्षविराम में भूमिका की भी प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “बहुत कम समय में जमीन पर शांति देखने को मिली है. मैं आपके शांति और स्थिरता के प्रति समर्पण को अत्यधिक महत्व देती हूं.”
इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर जापान की ओर से 250 चेरी ब्लॉसम के पेड़ और 4 जुलाई के आतिशबाज़ी समारोह का तोहफा भेजा जाएगा.
ट्रंप ने भी ताकाइची की तारीफ की
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने हमेशा उन्हें अपना सबसे विश्वसनीय सहयोगी बताया था. उन्होंने कहा कि इस सहयोग से दोनों देशों के बीच विश्वास और मजबूती बढ़ेगी.
ट्रंप को पहले भी कई देशों ने नामांकित किया
ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करना नई पहल नहीं है. इससे पहले कई देशों और नेताओं ने उनके शांति प्रयासों को मान्यता दी है. कंबोडिया के प्रधानमंत्री हुन मानेत ने उन्हें थाईलैंड और कंबोडिया के सीमा विवाद को समाप्त करने के लिए नामांकित किया. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने ट्रंप को गाज़ा और भारत-पाक सीमा संघर्षविराम में योगदान के लिए प्रस्तावित किया.
आर्मेनिया और अज़रबैजान के नेता ने संयुक्त पत्र के माध्यम से क्षेत्रीय संघर्षों में ट्रंप के प्रयासों को सराहा. इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के प्रयास के लिए उनका नाम सुझाया. इसके अलावा, रवांडा और अन्य अफ्रीकी देशों के नेता भी क्षेत्रीय शांति स्थापित करने में उनके योगदान का समर्थन कर चुके हैं.
ट्रंप का शांति प्रयासों पर नजरिया
ट्रंप ने हाल ही में कहा, “यह मेरा शौक नहीं है, बल्कि जुनून है. यह काम मुझे अच्छा लगता है और इसमें मैं माहिर हूं. मेरा ध्यान अब रूस-यूक्रेन युद्ध और पाकिस्तान-अफगान सीमा विवाद को सुलझाने पर है. इस साल मैंने आठ अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में शांति स्थापित करने में योगदान दिया है.”
नोबेल शांति पुरस्कार की प्रक्रिया
ज्ञात हो कि नोबेल शांति पुरस्कार का निर्णय नॉर्वे की संसद द्वारा नियुक्त पांच सदस्यीय समिति करती है. पुरस्कार हर साल अक्टूबर में दिया जाता है और पिछली कैलेंडर वर्ष में किए गए योगदान को आधार बनाकर विजेता का चयन होता है. इस वर्ष यह पुरस्कार वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचादो को दिया गया, जिन्होंने इसे ट्रंप के शांति प्रयासों के सम्मान में समर्पित किया.
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