Pakistan Umrah Advisory Saudi Arabia:पाकिस्तान सरकार को डर है कि उसके कुछ नागरिक सऊदी अरब में इबादत के लिए जाने के बजाय वहां भीख मांगने लगते हैं. इसी को देखते हुए सऊदी अरब में मौजूद पाकिस्तानी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी की है.
दूतावास ने उमराह के लिए सऊदी जाने वाले लोगों और वहां काम करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों से कहा है कि वे सऊदी अरब के कानूनों का पालन करें. वीजा की शर्तों को न तोड़ें, वीजा खत्म होने से पहले वापस लौटें और किसी भी हालत में भीख न मांगें.
पकड़े गए तो जेल और जुर्माना
सऊदी अरब में भीख मांगना या बिना अनुमति के चंदा इकट्ठा करना कानून के खिलाफ है. मक्का और मदीना जैसे पवित्र स्थानों के आसपास भी ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है. अगर कोई पाकिस्तानी नागरिक भीख मांगते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे गिरफ्तार किया जा सकता है. उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है, जेल भेजा जा सकता है और बाद में पाकिस्तान वापस भेजा जा सकता है.
कुछ मामलों में सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश पर लंबे समय तक या स्थायी रोक भी लग सकती है. दूतावास ने लोगों को वीजा की अवधि का खास ध्यान रखने को कहा है. वीजा खत्म होने के बाद भी सऊदी में रुकना यानी ओवरस्टे करना भी गंभीर मामला है और इसके लिए कानूनी कार्रवाई हो सकती है.
پاکستان سے انے والے تمام عمرہ زائرین اور ورکرز کے نام اہم پیغام pic.twitter.com/BzOScR3lFP
— Pakistan Embassy Saudi Arabia (@PakinSaudiArab) August 16, 2026
बिना अनुमति पैसे बांटना भी पड़ सकता है भारी
पाकिस्तानी दूतावास ने यह भी कहा है कि सऊदी अरब में बिना अनुमति किसी तरह की सेवा शुरू करना या पैसे इकट्ठा करना ठीक नहीं है. लोगों को स्थानीय कानूनों का पालन करने की सलाह दी गई है. बिना अनुमति चंदा जमा करना या पैसे बांटना भी परेशानी खड़ी कर सकता है. दूतावास का साफ संदेश है कि सऊदी अरब इबादत या काम के लिए जाएं और वहां के नियमों का पूरा सम्मान करें.
विदेशों में पकड़े गए भिखारियों में बड़ी संख्या पाकिस्तानी नागरिकों की
पाकिस्तान में पहले भी इस मुद्दे को लेकर चिंता जताई जा चुकी है. सितंबर 2023 में पाकिस्तान की सीनेट की एक समिति को बताया गया था कि विदेशों में गिरफ्तार किए गए भिखारियों में करीब 90 फीसदी पाकिस्तानी नागरिक थे. पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, कुछ लोग उमराह, हज या जियारत के वीजा पर सऊदी अरब, इराक और दूसरे देशों में जाते हैं और बाद में वहां भीख मांगने लगते हैं.
उस समय यह भी बताया गया था कि मक्का की मस्जिद-अल-हरम में पकड़े गए कुछ जेबकतरों की पहचान पाकिस्तानी नागरिकों के रूप में हुई थी. पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह भी कहा था कि सऊदी अरब और इराक के अधिकारियों की ओर से पाकिस्तानी नागरिकों के इस तरह के मामलों को लेकर शिकायतें मिली थीं.
सऊदी अरब ने जांच सख्त करने को कहा था
2024 में पाकिस्तानी मीडिया में आई रिपोर्टों के मुताबिक, सऊदी अरब ने पाकिस्तान से हज और उमराह पर जाने वाले यात्रियों की जांच और सख्त करने को कहा था. इसका मकसद ऐसे लोगों को रोकना था जो धार्मिक यात्रा के नाम पर सऊदी जाकर भीख मांगते हैं या वहां अवैध तरीके से रुक जाते हैं.
अब पाकिस्तानी दूतावास की नई एडवाइजरी के जरिए एक बार फिर अपने नागरिकों को चेताया गया है कि सऊदी अरब में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि से दूर रहें और वहां के कानूनों का पालन करें.
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