Ind vs Pak: टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर क्रिकेट और राजनीति के रिश्ते को सुर्खियों में ला दिया है. पाकिस्तान सरकार ने यह साफ कर दिया है कि उसकी टीम टूर्नामेंट में हिस्सा तो लेगी, लेकिन भारत के खिलाफ ग्रुप स्टेज का मुकाबला नहीं खेलेगी. इस फैसले पर अब पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान सलमान आगा का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने इसे पूरी तरह सरकारी निर्देश बताया है.
पाकिस्तानी कप्तान का बयान
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप करने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए सलमान आगा ने कहा कि भारत के खिलाफ मैच खेलने या न खेलने का फैसला खिलाड़ियों का नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि टीम को जो भी निर्देश सरकार और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) से मिलेंगे, उनका पालन करना उनकी मजबूरी है.
सलमान आगा के मुताबिक, टीम टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी और बाकी सभी मुकाबले खेलेगी, लेकिन भारत के खिलाफ होने वाले मैच को लेकर अंतिम फैसला सरकार और बोर्ड का होगा. उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ियों की निजी राय या इच्छा का इस फैसले में कोई महत्व नहीं है.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा विवाद उस समय तेज हुआ जब बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने से इनकार कर दिया. बांग्लादेश अपने फैसले पर अड़ा रहा, जिसके बाद ICC ने उसे टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को उसकी जगह शामिल कर लिया.
पाकिस्तान ने बांग्लादेश के समर्थन में यह रुख अपनाया और संकेत दिए कि वह भी भारत के खिलाफ मुकाबले का बहिष्कार कर सकता है. इसके बाद पाकिस्तान सरकार ने औपचारिक रूप से यह घोषणा कर दी कि टीम टूर्नामेंट खेलेगी, लेकिन भारत के खिलाफ मैच नहीं खेलेगी.
भारत-पाकिस्तान मुकाबले की अहमियत
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाला मुकाबला किसी भी ICC टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है. 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में यह मैच होना तय है. पाकिस्तान ग्रुप ए में है, जहां भारत के अलावा नामीबिया, नीदरलैंड्स और अमेरिका की टीमें शामिल हैं.
पाकिस्तान के सभी ग्रुप मुकाबले श्रीलंका में खेले जाने हैं, क्योंकि यह टूर्नामेंट भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में आयोजित हो रहा है.
ICC की सख्त प्रतिक्रिया
पाकिस्तान सरकार के इस फैसले पर ICC ने भी आधिकारिक बयान जारी कर नाराज़गी जताई है. ICC ने कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में चुनिंदा मैच खेलना प्रतियोगिता की मूल भावना के खिलाफ है.
आईसीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि तय कार्यक्रम के तहत होने वाले मैच को छोड़ना वर्ल्ड इवेंट के बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन है. हालांकि, ICC ने यह भी बताया कि अभी तक पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से कोई औपचारिक सूचना नहीं मिली है.
आईसीसी ने पीसीबी को चेताया कि ऐसे फैसलों का असर केवल मौजूदा टूर्नामेंट पर नहीं, बल्कि लंबे समय तक देश के क्रिकेट भविष्य पर पड़ सकता है.
पाकिस्तान पर संभावित कार्रवाई की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, ICC इस पूरे घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई करने के विकल्पों पर विचार कर सकता है. इसमें पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में विदेशी खिलाड़ियों को मिलने वाले एनओसी पर रोक लगाना शामिल हो सकता है.
अगर ऐसा हुआ तो PSL की ब्रांड वैल्यू और कमाई पर सीधा असर पड़ेगा. इसके अलावा, पाकिस्तान से भविष्य में किसी बड़े ICC टूर्नामेंट की मेजबानी का अधिकार छीने जाने की संभावना भी जताई जा रही है.
इससे पहले भी ICC पाकिस्तान को यह संकेत दे चुका है कि टूर्नामेंट के बहिष्कार जैसी धमकियों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसकी स्थिति कमजोर हो सकती है और उसे कड़े नतीजों का सामना करना पड़ सकता है.
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