इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने इस साल 23 मार्च को मनाए जाने वाले अपने राष्ट्रीय दिवस पर होने वाली पारंपरिक सैन्य परेड और उससे जुड़े कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं. सरकार ने यह फैसला बढ़ते ऊर्जा संकट और खर्चों में कटौती की जरूरत को देखते हुए लिया है.
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति प्रभावित होने के कारण देश गंभीर आर्थिक और ऊर्जा दबाव का सामना कर रहा है, जिसका असर राष्ट्रीय आयोजनों पर भी पड़ा है.
राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने प्रधानमंत्री की सलाह पर इस फैसले को मंजूरी दी. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 23 मार्च को होने वाली परेड और अन्य कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है.
हालांकि, अलंकरण समारोह को अब 28 अप्रैल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है.
क्यों खास है 23 मार्च?
पाकिस्तान में 23 मार्च को राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन लाहौर प्रस्ताव 1940 की याद में आयोजित किया जाता है, जब अलग मुस्लिम देश की मांग रखी गई थी.
इसके अलावा 23 मार्च 1956 को पाकिस्तान ने अपना पहला संविधान लागू कर खुद को इस्लामिक गणराज्य घोषित किया था. इस दिन राजधानी इस्लामाबाद में भव्य सैन्य परेड का आयोजन परंपरागत रूप से होता रहा है.
ऊर्जा संकट ने बढ़ाई मुश्किलें
मध्य पूर्व में जारी संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण पाकिस्तान में तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है. इससे देश में ऊर्जा संकट गहरा गया है.
हालात ऐसे हो गए हैं कि सरकार को कड़े कदम उठाने पड़े हैं, जिससे आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है.
कड़े प्रतिबंध लागू
ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान में कई सख्त फैसले लिए गए हैं:
इन कदमों की तुलना कोविड-19 के दौरान लागू प्रतिबंधों से की जा रही है.
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