पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने कहा है कि बलूचिस्तान में अलगाववादी और उग्रवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सेना ऐसे सभी समूहों के खिलाफ सख्त कदम उठाएगी. अपने बयान में उन्होंने एक बार फिर भारत पर भी परोक्ष रूप से आरोप लगाए, हालांकि भारत पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करता रहा है.
बलूचिस्तान में अभियान तेज करने के संकेत
असीम मुनीर ने बलूचिस्तान पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सेना और सुरक्षा एजेंसियां प्रांत में शांति बहाल करने के लिए लगातार अभियान चला रही हैं.
उन्होंने कहा कि जो भी समूह हिंसा फैलाने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और पाकिस्तान की सेना उन्हें हराने के लिए पूरी ताकत से काम करेगी.
भारत पर फिर लगाए आरोप
अपने भाषण में असीम मुनीर ने कहा कि कुछ "विदेशी समर्थित ताकतें" बलूचिस्तान में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही हैं. हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका इशारा भारत की ओर माना जा रहा है.
भारत पहले भी ऐसे सभी आरोपों को बेबुनियाद बता चुका है और उन्हें पूरी तरह खारिज करता रहा है.
बलूचिस्तान में पहले से जारी है तनाव
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा, लेकिन सबसे कम आबादी वाला प्रांत है. यहां कई वर्षों से अलगाववादी संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष जारी है.
इस इलाके में कई बार सेना, सरकारी ठिकानों, सड़क परियोजनाओं और चीन से जुड़ी परियोजनाओं पर भी हमले हुए हैं.
स्थानीय लोगों के भी आरोप
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उसकी कार्रवाई केवल उग्रवादी संगठनों के खिलाफ होती है.
वहीं, कुछ स्थानीय लोगों और मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि सैन्य अभियान के दौरान आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को स्वीकार नहीं करती.
क्यों अहम है बलूचिस्तान?
बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर इलाका है. यहां गैस, खनिज और कई बड़े संसाधन मौजूद हैं.
अलगाववादी संगठनों का आरोप है कि इस क्षेत्र के संसाधनों का फायदा स्थानीय लोगों को नहीं मिल रहा, जबकि पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को गलत बताती है.
आगे क्या हो सकता है?
असीम मुनीर के ताजा बयान के बाद माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बलूचिस्तान में सैन्य अभियान और तेज हो सकता है.
इसका असर पहले से तनाव झेल रहे इस इलाके की सुरक्षा स्थिति पर भी पड़ सकता है.
ये भी पढ़ें- क्या है सेक्शन 301? जिसे ट्रंप ने बनाया हथियार, 60 देशों पर लगाया टैरिफ, भारत को पाकिस्तान के साथ क्यों रखा?