केमिकल उत्पादन में भारत बनेगा मजबूत, 8 वर्ग किलोमीटर में बनेंगे 3 बड़े केमिकल पार्क, जानें पूरी जानकारी

Bhavya Rasayan Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने रसायन (Chemical) सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने देश में 3 बड़े डेडिकेटेड केमिकल पार्क बनाने की योजना को मंजूरी दी है.

Bhavya Rasayan Scheme India will stronger chemical production 3 large chemical parks built in 8 square kilometers
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Bhavya Rasayan Scheme: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने रसायन (Chemical) सेक्टर को मजबूत बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने देश में 3 बड़े डेडिकेटेड केमिकल पार्क बनाने की योजना को मंजूरी दी है. इन केमिकल पार्कों के जरिए भारत में रसायन उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा. सरकार का कहना है कि इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और देश इस क्षेत्र में ज्यादा मजबूत बनेगा.

5 साल में तैयार होंगे केमिकल पार्क

सरकार की इस योजना का नाम 'भव्य रसायन योजना' रखा गया है. इसके लिए 5 साल की अवधि तय की गई है. योजना के तहत सरकार ने 3,030 करोड़ रुपये का बजट रखा है.इन पैसों से देश में तीन केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे. हर पार्क करीब 8 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बनाया जाएगा.

इन पार्कों में अपनी यूनिट लगाने वाली कंपनियों को सरकार की तरफ से आर्थिक मदद भी दी जाएगी. इसके लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. कंपनियों का चयन प्रतियोगिता के आधार पर किया जाएगा.

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी मजबूती

सरकार का मानना है कि इन केमिकल पार्कों से देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा. इससे भारत में रसायन और पेट्रोकेमिकल्स उत्पादन बढ़ेगा और दूसरे देशों से आयात पर निर्भरता कम होगी. इन पार्कों को प्लग एंड प्ले मॉडल पर तैयार किया जाएगा, यानी कंपनियों को वहां जरूरी सुविधाएं पहले से उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे आसानी से अपनी यूनिट शुरू कर सकें.

क्या है भव्य योजना?

भव्य योजना का पूरा नाम भारत औद्योगिक विकास योजना (Bharat Industrial Development Yojana) है. इस योजना के तहत देशभर में प्लग एंड प्ले मॉडल पर 100 औद्योगिक पार्क बनाने की योजना है.

सरकार इस पूरी योजना पर करीब 33,660 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है. इसमें से 3,030 करोड़ रुपये रसायन क्षेत्र के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे. रसायन सेक्टर के लिए बनाए जाने वाले तीन पार्कों का कुल क्षेत्रफल करीब 24 वर्ग किलोमीटर होगा.

दूसरे सेक्टर को भी मिलेगा फायदा

भव्य योजना सिर्फ केमिकल सेक्टर तक सीमित नहीं है. इसका फायदा पेट्रोकेमिकल्स, मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, डाटा सेंटर और अन्य उद्योगों को भी मिलेगा. इन औद्योगिक पार्कों के लिए राज्यों का चयन प्रतिस्पर्धा के आधार पर किया जाएगा और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से सुविधाएं विकसित की जाएंगी. सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से भारत में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.

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