अफगानिस्तान पर पाकिस्तान का हवाई हमला, 36 नागरिकों की मौत; बॉर्डर पर बढ़ा तनाव

Pakistan Afghanistan Tensions: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है. हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण दौर में पहुंच गए हैं.

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Pakistan Afghanistan Tensions: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है. हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के रिश्ते बेहद तनावपूर्ण दौर में पहुंच गए हैं. पाकिस्तान की ओर से सीमावर्ती इलाकों में किए गए जमीनी अभियान और हवाई हमलों में बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है. अफगानिस्तान का दावा है कि इन हमलों में 36 नागरिकों की जान गई है और 163 से अधिक लोग घायल हुए हैं. वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उसका निशाना आतंकवादी ठिकाने थे और कार्रवाई में 29 चरमपंथी मारे गए हैं.

पाकिस्तानी सेना के मुताबिक हाल के दिनों में खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में हुए आतंकी हमलों के बाद यह सैन्य अभियान चलाया गया. सेना का दावा है कि सीमा पार सक्रिय चरमपंथी संगठन पाकिस्तान में लगातार हमलों को अंजाम दे रहे थे, जिसके जवाब में उनके ठिकानों को निशाना बनाया गया. पाकिस्तान का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करना था.

बचाव के लिए पहुंचे ग्रामीणों पर दोबारा हमला

तालिबान सरकार के उप प्रवक्ता हमदुल्ला फितरत के अनुसार, पाकिस्तानी बलों ने सबसे पहले पक्तिया प्रांत के चमकानी जिले में एक घर पर हमला किया, जिसमें एक बुजुर्ग और एक बच्चे की मौत हो गई. घटना के बाद जब आसपास के ग्रामीण घायलों को बचाने और राहत पहुंचाने के लिए मौके पर पहुंचे, तब उसी स्थान पर दोबारा हवाई हमला किया गया. अफगान अधिकारियों का आरोप है कि इस दूसरे हमले में 28 ग्रामीणों की जान चली गई, जबकि 158 लोग गंभीर रूप से घायल हुए. इस घटना ने स्थानीय लोगों में भारी दहशत पैदा कर दी है और पूरे इलाके में तनाव का माहौल है.

पक्तिका और कुनार में भी हुई तबाही

सिर्फ पक्तिया ही नहीं, बल्कि पक्तिका प्रांत के गियान जिले में भी एक घर को निशाना बनाया गया. इस हमले में महिलाओं और बच्चों सहित छह लोगों की मौत हो गई. वहीं कुनार प्रांत में हुए एक अन्य हमले में करीब 30 मवेशियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी गंभीर असर पड़ा है. अफगानिस्तान ने इन घटनाओं को अपनी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप की मांग की है. तालिबान प्रशासन ने इन हमलों को "बर्बरतापूर्ण कृत्य" करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है.

कूटनीतिक रिश्तों में भी बढ़ी तल्खी

सीमा पर बढ़ते सैन्य तनाव का असर दोनों देशों के राजनयिक संबंधों पर भी साफ दिखाई देने लगा है. काबुल और इस्लामाबाद ने एक-दूसरे के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है. पाकिस्तान ने आरोप लगाया है कि कराची स्थित रेंजर्स मुख्यालय पर हुए हालिया हमले में अफगान नागरिकों और अफगान भूमि का इस्तेमाल किया गया. दूसरी ओर अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि निर्दोष नागरिकों पर हमला किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता.

ग्वादर हमले के बाद 14 पुलिसकर्मी बर्खास्त

इसी बीच पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह शहर से भी एक अहम घटनाक्रम सामने आया है. एक पुलिस थाने पर हुए हमले के दौरान पर्याप्त प्रतिरोध नहीं करने के आरोप में 14 पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है. आंतरिक जांच में इन अधिकारियों को सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन न करने और ड्यूटी में गंभीर लापरवाही का दोषी पाया गया. इस कार्रवाई को पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

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