श्रीलंका में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई थी सीक्रेट मीटिंग? केंद्र सरकार का बयान आया सामने

India Pakistan Unofficial Talks: भारत और पाकिस्तान के कई पूर्व सैन्य अधिकारी, डिप्लोमैट्स और राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच हाल ही में एक अनौपचारिक बातचीत हुई. यह मुलाकात पिछले सप्ताह श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई.

secret meeting between India and Pakistan take place in Sri Lanka Central government statement
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India Pakistan Unofficial Talks: भारत और पाकिस्तान के कई पूर्व सैन्य अधिकारी, डिप्लोमैट्स और राजनीतिक विशेषज्ञों के बीच हाल ही में एक अनौपचारिक बातचीत हुई. यह मुलाकात पिछले सप्ताह श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में एक अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई. 

यह कार्यक्रम इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ स्ट्रेटेजिक स्टडीज (IISS) की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव और यूके समेत कई देशों के प्रतिनिधि शामिल थे.

ट्रैक-2 डायलॉग क्या होता है

इस तरह की बातचीत को ट्रैक-2 डायलॉग कहा जाता है. इसमें सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधि शामिल नहीं होते. इसकी जगह पूर्व अधिकारी, विशेषज्ञ, अकादमिक और सिविल सोसायटी के लोग हिस्सा लेते हैं. इसका मकसद देशों के बीच संवाद बनाए रखना और शांति के रास्ते तलाशना होता है.

कोलंबो में कौन-कौन शामिल हुआ

इस अनौपचारिक बैठक में दोनों देशों के कई प्रमुख लोग मौजूद थे. भारत की ओर से पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे, इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष राम माधव और पूर्व राजदूत रुचि घनश्याम शामिल हुए. पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्रालय के साउथ एशिया और सार्क मामलों से जुड़े अधिकारी सज्जाद हैदर खान, पूर्व राजदूत शेरी रहमान और रिटायर्ड मेजर जनरल अली खान पटौदी मौजूद रहे.

किन मुद्दों पर हुई बातचीत

इस चर्चा में सीमा पार आतंकवाद, जल समझौते से जुड़े मुद्दे, दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ाने और भविष्य में सैन्य तनाव कम करने जैसे विषयों पर बात हुई. हालांकि इस बैठक से कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया, लेकिन दोनों पक्षों ने भविष्य में इस तरह की बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई.

सरकार का रुख क्या है

भारतीय सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यह कोई आधिकारिक बातचीत नहीं थी. सरकार का कहना है कि पाकिस्तान के साथ फिलहाल कोई औपचारिक वार्ता नहीं चल रही है और उसका रुख साफ है कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते.

ट्रैक-1.5 बातचीत की चर्चा

कुछ रिपोर्ट्स में इस मुलाकात को ट्रैक-1.5 डायलॉग भी बताया गया, लेकिन सरकारी सूत्रों ने इसे खारिज कर दिया. उनका कहना है कि इस बैठक में भारत सरकार का कोई मौजूदा आधिकारिक प्रतिनिधि शामिल नहीं था, इसलिए इसे केवल ट्रैक-2 बातचीत ही माना जाएगा.

अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और आगे की संभावना

इस आयोजन के दौरान अमेरिकी विदेश मंत्रालय से जुड़े एस. पॉल कपूर भी मौजूद थे और उन्होंने कई प्रतिभागियों से बातचीत की. फिलहाल इस तरह की मुलाकातों को सिर्फ संवाद की पहल माना जा रहा है. हालांकि उम्मीद जताई जा रही है कि भविष्य में ऐसे अनौपचारिक संवाद आगे भी जारी रह सकते हैं.

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