त्रिशूर: केरल के त्रिशूर में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये सभी एक रिजॉर्ट में पार्टी करने के बाद लौट रहे थे और उनके पास भारी मात्रा में MDMA ड्रग्स मौजूद थी. जांच के दौरान पुलिस को एक महिला के प्राइवेट पार्ट में छिपाई गई MDMA भी मिली. इसके बाद मामले की जांच और तेज कर दी गई.
यह कार्रवाई त्रिशूर के वणियमपारा इलाके में वाहन चेकिंग के दौरान हुई. पुलिस ने पलक्कड़ की तरफ से आ रही एक स्विफ्ट कार को रोककर तलाशी ली. कार में चार लोग सवार थे, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं. शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को उनके व्यवहार पर शक हुआ, जिसके बाद महिला पुलिसकर्मियों ने अलग से तलाशी ली.
तलाशी में एक महिला के पास से करीब 2 ग्राम MDMA बरामद हुई, जिसे उसने अपने प्राइवेट पार्ट में छिपा रखा था. इस खुलासे के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू कर दी.
पूछताछ में खुला बड़ा राज
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि ड्रग्स का बड़ा जखीरा आरोपियों के पास और भी मौजूद है. इसके बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी के घर पर छापा मारा, जहां से करीब 18 ग्राम MDMA बरामद हुई.
यहीं से जांच आगे बढ़ी और पुलिस को चावक्कड़ इलाके में एक एल्युमीनियम फैब्रिकेशन वर्कशॉप का पता चला. जब वहां तलाशी ली गई तो तीन पैकेटों में छिपाकर रखी गई करीब 288 ग्राम MDMA बरामद हुई.
तीन और आरोपी गिरफ्तार
वर्कशॉप से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े तीन और लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का मानना है कि सभी आरोपी एक ही ड्रग्स सप्लाई चेन का हिस्सा थे और लंबे समय से इस काम में शामिल हो सकते हैं.
इस कार्रवाई के दौरान कुल 308 ग्राम MDMA जब्त की गई, जिसे हाल के महीनों में त्रिशूर जिले की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी में से एक माना जा रहा है.
रिजॉर्ट में पार्टी के बाद लौट रहे थे सभी
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे पलक्कड़ जिले के मुथालामाडा स्थित एक रिजॉर्ट में पार्टी करने के बाद वापस लौट रहे थे. इसी दौरान पुलिस की चेकिंग में उनकी कार पकड़ी गई और पूरा मामला सामने आ गया.
मोबाइल से मिले अहम सुराग
पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं. जांच एजेंसियां कॉल रिकॉर्ड, चैट और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था.
अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी जांच जारी है. पुलिस को शक है कि इस गिरोह के तार दूसरे राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं. आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है.