Operation Sindoor: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलागाम में हुए निर्दोष सैलानियों पर आतंकी हमले के बाद भारत ने सिर्फ दो हफ्ते में पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक, आर्थिक और सैन्य मोर्चों पर सख्त कार्रवाई की. सिंधु जल संधि के तुड़वाने से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ तक, इन 15 कदमों ने पड़ोसी देश को चारों ओर से घेर लिया चाहे वह पानी का संकट हो, व्यापार बंदी हो या सीमापार सर्जिकल स्ट्राइक.
1. सिंधु जल संधि को जबरन रद्द करना
भारत ने इस पुरानी संधि को समाप्त कर दिया, जिससे पाकिस्तान के 1.7 करोड़ नागरिकों के पेयजल और सिंचाई का बड़ा सिरदर्द खड़ा हो गया.
2. द्विपक्षीय व्यापार ठप
सभी द्विपक्षीय व्यापार समझौते निरस्त कर दिए गए. पाकिस्तानी निर्यात भारत पहुंचा, लेकिन भारत के माल के लिए रास्ते बंद.
3. चेनाब और झेलम पर पानी की कड़ी टैंकी
चेनाब का बहाव रोक दिया गया, जेहलम नदी में अचानक छोड़ा गया अतिरिक्त जल—दोनों ही कदमों ने सीमा पार इलाके में पेयजल और बाढ़ का खतरा बढ़ाया.
4. कूटनीतिक अलगाव
भारत ने मित्र राष्ट्रों के बीच पाकिस्तान की छवि सुदृढ़ नहीं होने दी—मुस्लिम लीग से लेकर यूएन तक किसी बड़े तबके से खुलकर समर्थन दिलवाने में पाकिस्तान नाकाम.
5. आयात–निर्यात पर पाबंदी
तरबूज से लेकर सीमेंट, ड्राई फ्रूट्स से लेकर स्टील तक—पाकिस्तान के लगभग सभी आयातों पर प्रतिबंध लग गया, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को भारी झटका लगा.
6. डाक सेवा रोकी गई
इतिहास में पहली बार भारत ने पाकिस्तान के साथ डाक सेवाएं रोक दीं, जिससे निजी-पारिवारिक संवाद पर असर पड़ा.
7. समुद्री मार्गों पर रोक
पाकिस्तानी जहाजों को भारतीय बंदरगाहों से गुज़रने की इजाज़त नहीं, जिससे बांग्लादेश समेत अन्य बाजारों में रसद रूक गई.
8. सैन्य सलाहकारों की विदाई
पाकिस्तानी सैन्य सलाहकारों को भारत से विदाई की गवाही दी गई, कूटनीतिक तनाव और गहरा गया.
9. मुजफ्फराबाद में बाढ़ की मार
झेलम नदी से अचानक छोड़े पानी ने PoK में बाढ़ मचा दी, स्थानीय लोग विस्थापित.
10. संयुक्त राष्ट्र में तिरस्कार
यूएन महासभा में पाकिस्तान को समर्थन न मिलने के फैसले ने उसके अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव को ठेस पहुंचाई.
11. मुस्लिम देशों का मौन
सऊदी अरब से लेकर अन्य खाड़ी राष्ट्रों में भी पाकिस्तान को आतंकवाद विरोधी भारत का साथ मिला—उसका अलगाव बढ़ा.
12. राजदूतों की ब्रीफिंग
नई दिल्ली में बुलाए गए राजदूतों को पाकिस्तान की आतंकी गतिविधियों की विस्तार से जानकारी दी गई, जिसके बाद बंद कमरे की बैठकों से लेकर मीडिया में भी पाकिस्तान का घिरना तय था.
13. वित्तीय बाजारों में दहशत
कराची स्टॉक एक्सचेंज में लगातार गिरावट, व्यापार बंदी से आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी.
14. सीमा पर बांधों का बंदिश
सलाल और बघलियार बांधों को तात्कालिक रूप से बंद कर दिया गया—पाकिस्तान की बिजली और पेयजल आपूर्ति पर सीधा असर.
15. ‘ऑपरेशन सिंदूर’—सर्जिकल स्ट्राइक
अधिसंख्य आतंकवादियों को मौत की नींद सुलाया गया, 9 ठिकानों को ध्वस्त किया गया, और पाकिस्तान को याद दिलाया गया कि किसी भी आतंकी साजिश का जवाब सटीक और निर्णायक होता है.
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