नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हालिया आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इस बर्बर कृत्य का करारा जवाब दिया जाएगा. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला धार्मिक आधार पर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने का स्पष्ट उदाहरण है और भारत सरकार इस पर चुप नहीं बैठेगी.
हमले की साजिश रचने वालों तक पहुंचेंगे
रक्षा मंत्री ने एक आधिकारिक बयान में कहा, "पहलगाम में एक धर्म विशेष को निशाना बनाकर आतंकियों ने जो कायराना हरकत की है, वह मानवता के विरुद्ध है. सरकार इस हमले के साजिशकर्ताओं के साथ-साथ उन ताकतों को भी बेनकाब करेगी जो पर्दे के पीछे से इसे संचालित कर रहे हैं."
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि देश की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे.
शोक की घड़ी में एकजुटता का संदेश
राजनाथ सिंह ने इस हमले में जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "हमने अनेक निर्दोष नागरिकों को खोया है. यह एक बेहद दुखद और अमानवीय कृत्य है. मैं दिवंगत आत्माओं की शांति और पीड़ित परिवारों को शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं."
आतंक के खिलाफ भारत की नीति स्पष्ट
रक्षा मंत्री ने दोहराया कि भारत की आतंकवाद के खिलाफ नीति "जीरो टॉलरेंस" की रही है और भविष्य में भी रहेगी. उन्होंने कहा, "भारत को धमकियों से डराया नहीं जा सकता. हम हर मोर्चे पर आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई के लिए तैयार हैं."
सुरक्षा स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा
हमले के एक दिन बाद रक्षा मंत्रालय में एक आपातकालीन समीक्षा बैठक हुई जिसमें प्रधान रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख, रक्षा सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.
रक्षा मंत्री ने इस दौरान सशस्त्र बलों को निर्देश दिया कि आतंकवाद विरोधी अभियानों में और तेजी लाई जाए.
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में CCS बैठक
इस गंभीर घटनाक्रम को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक बुलाई गई है. यह बैठक बुधवार शाम 6 बजे दिल्ली में होगी. इसमें गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और प्रमुख रक्षा अधिकारियों के भाग लेने की संभावना है.
प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया है कि इस हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को कानून के शिकंजे से नहीं बचने दिया जाएगा.