Noida News: कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटनाओं पर आखिरकार शिकंजा कस ही गया. नोएडा में हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के पीछे जिस चेहरे की तलाश थी, वह अब पुलिस की गिरफ्त में है. लंबे समय से फरार चल रहा और एक लाख रुपये का इनामी आरोपी आदित्य आनंद आखिरकार पकड़ लिया गया है. इस गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिसने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है.
सैकड़ों किलोमीटर दूर से धर दबोचा गया आरोपी
पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया. आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था, लेकिन आधुनिक तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. आखिरकार 18 अप्रैल 2026 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर लिया गया. यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नरेट के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश और निगरानी में पूरी की गई.
आंदोलन की आड़ में भड़काई गई थी हिंसा
नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र में शुरू हुआ श्रमिकों का आंदोलन शुरुआत में शांतिपूर्ण था, लेकिन अचानक हालात बिगड़ गए. प्रदर्शन हिंसक रूप ले बैठा और आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी. जांच के दौरान सामने आया कि यह सब अचानक नहीं हुआ था, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश थी. पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम को दिशा देने और उकसाने में आदित्य आनंद की अहम भूमिका थी.
कानून से बचने की कोशिश हुई नाकाम
हिंसा के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था. दबिश के दौरान वह फरार हो गया, जिसके बाद अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया. लगातार फरारी के चलते उस पर एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था. हालांकि, पुलिस की लगातार कोशिशों के आगे उसकी चालाकी ज्यादा देर टिक नहीं सकी और अंततः उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
जांच में खुलेंगे और भी राज
अब पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर नोएडा लाने की प्रक्रिया में है, जहां उससे गहन पूछताछ की जाएगी. अधिकारियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से हिंसा में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे और इसके पीछे असल मकसद क्या था.
ये भी पढ़ें: UP: बोर्ड एग्जाम में हासिल किए 92% मार्क्स, फिर छात्रा ने अगले ही दिन उठाया खौफनाक कदम