2 घंटे तक तड़पा...कार की छत से लगाई मदद की गुहार, मरने से पहले पिता को भी किया था फोन

Noida Engineer Death Case: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित नॉलेज पार्क इलाके में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान चली गई.

Noida Engineer Death Case Died due to car falling into pothole
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Noida Engineer Death Case: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 स्थित नॉलेज पार्क इलाके में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की जान चली गई. यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम और निर्माण एजेंसियों की गंभीर लापरवाही का नतीजा माना जा रहा है. अधूरे निर्माण स्थल और सुरक्षा इंतजामों की कमी ने एक 27 वर्षीय युवक की जिंदगी छीन ली.


जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-150 में एक बड़े मॉल का निर्माण कार्य पिछले दो से ढाई साल से चल रहा था. मॉल के बेसमेंट की खुदाई करीब 30 फीट तक की जा चुकी थी, लेकिन इसके चारों ओर न तो कोई दीवार थी और न ही रिफ्लेक्टर या चेतावनी संकेत लगाए गए थे. इसी खतरनाक गड्ढे ने देर रात एक जान ले ली.

घने कोहरे में अनियंत्रित हुई कार 

हादसा देर रात उस वक्त हुआ, जब घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य थी. इसी दौरान 27 वर्षीय युवराज अपनी कार से गुजर रहे थे. कोहरे और सड़क पर किसी तरह के संकेत न होने की वजह से उनकी कार अनियंत्रित हो गई और सीधे उस गहरे गड्ढे में जा गिरी, जिसे स्थानीय लोग तालाब या नाले जैसा बता रहे हैं.

दो घंटे तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद युवराज काफी देर तक जिंदा थे. वह करीब दो घंटे तक मोबाइल की टॉर्च जलाकर मदद की गुहार लगाते रहे, लेकिन समय पर सहायता नहीं पहुंच सकी. अंधेरा, कोहरा और गहराई के चलते किसी को तुरंत स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाया.

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रेस्क्यू में लगी SDRF और NDRF

सूचना मिलने के बाद SDRF और NDRF की टीम मौके पर पहुंची. कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद कार से युवक के शव को बाहर निकाला गया. इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

परिजनों और स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा

हादसे के बाद इलाके के रेजिडेंट्स और मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला. लोगों ने नोएडा अथॉरिटी और बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना है कि अगर निर्माण स्थल के पास दीवार, बैरिकेडिंग या रिफ्लेक्टर लगाए गए होते, तो यह हादसा टाला जा सकता था.

सरकारी लापरवाही पर सवाल

एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि यह हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही से हुई मौत है. प्रशासन और संबंधित विभागों की अनदेखी ने एक होनहार इंजीनियर की जान ले ली. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस खतरनाक गड्ढे को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया.

पुलिस जांच में जुटी

मृतक के परिजनों ने इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. यह मामला नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर-150 का है, जहां अब भी सुरक्षा इंतजामों की कमी लोगों के लिए खतरा बनी हुई है.

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