Noida Cyber Fraud: ऑनलाइन निवेश के बढ़ते चलन के बीच साइबर ठग भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. नोएडा से ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का सपना दिखाकर एक लेदर कारोबारी से करीब 3.6 करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई. आरोपियों ने पहले भरोसा जीता, फिर धीरे-धीरे करोड़ों रुपये निवेश करवाए और आखिर में संपर्क तोड़ दिया. पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुई पूरी साजिश
जानकारी के अनुसार, सेक्टर-150 निवासी रवि लेदर बैग और पर्स के निर्यात का कारोबार करते हैं. 31 दिसंबर 2025 को उनके व्हाट्सएप पर शेयर ट्रेडिंग से जुड़ा एक संदेश आया. इसके बाद 'रिया' नाम की एक महिला ने उनसे संपर्क किया और खुद को शंघाई गोल्ड एक्सचेंज से जुड़ा अधिकारी बताया. महिला ने रवि को SGS नाम के एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया, जहां लगातार डिजिटल गोल्ड ट्रेडिंग से भारी मुनाफा कमाने के स्क्रीनशॉट और सफलता की कहानियां साझा की जाती थीं. इन संदेशों ने धीरे-धीरे उनका भरोसा जीत लिया.
छोटे निवेश पर दिखाया मुनाफा
महिला के कहने पर रवि ने एक ट्रेडिंग एप डाउनलोड कर उस पर अपना रजिस्ट्रेशन कराया. 19 अप्रैल को उन्होंने पहली बार 44 हजार रुपये का निवेश किया. कुछ ही दिनों बाद एप पर करीब 19 हजार रुपये का लाभ दिखाई दिया और यह रकम उनके बैंक खाते में भी ट्रांसफर हो गई. शुरुआती भुगतान मिलने के बाद उन्हें लगा कि प्लेटफॉर्म पूरी तरह भरोसेमंद है.
21 ट्रांजैक्शन में खाते से निकल गए 3.6 करोड़ रुपये
पहले निवेश में मुनाफा मिलने के बाद रवि लगातार बड़ी रकम निवेश करते गए. 26 मई 2026 तक उन्होंने कुल 21 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए करीब 3.6 करोड़ रुपये विभिन्न बैंक खातों में भेज दिए. ट्रेडिंग एप पर उनका पोर्टफोलियो 6 करोड़ रुपये से अधिक दिखाया जा रहा था. लेकिन जब उन्होंने अपनी कमाई निकालने की कोशिश की तो हर बार किसी न किसी बहाने से उन्हें और निवेश करने के लिए कहा गया. आखिरकार आरोपियों ने खाते के फ्रीज होने का बहाना बनाकर उनसे संपर्क पूरी तरह बंद कर दिया.
ठगी का पता चलते ही पुलिस से लगाई गुहार
जब लंबे समय तक रकम वापस नहीं मिली तो रवि को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और नोएडा साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई. मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिन बैंक खातों में पैसे भेजे गए हैं, उनकी पड़ताल की जा रही है.
साइबर पुलिस ने लोगों को किया सतर्क
डीसीपी साइबर सुरक्षा के मुताबिक, मामले में शामिल आरोपियों की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी. वहीं साइबर थाना प्रभारी विजय सिंह राणा ने बताया कि साइबर ठग पहले छोटी रकम पर नकली मुनाफा दिखाकर लोगों का विश्वास जीतते हैं. इसके बाद वे बड़े निवेश के लिए उकसाते हैं और करोड़ों रुपये की ठगी को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान निवेश प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया ग्रुप के झांसे में आने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल जरूर करें.
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