नेपाल में बाढ़ से बैंकिंग सिस्टम पर संकट, 11 बैंकों की 17 शाखाएं तबाह, पानी में बह गए अरबों रुपये!

नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ जनजीवन और बुनियादी ढांचे को ही नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था को भी गहरा झटका दिया है.

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नेपाल में भोटेकोशी नदी की विनाशकारी बाढ़ ने सिर्फ जनजीवन और बुनियादी ढांचे को ही नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था को भी गहरा झटका दिया है. रसुवा और नुवाकोट जिलों में बाढ़ की चपेट में आने से 11 वाणिज्यिक बैंकों की 17 शाखाएं पूरी तरह तबाह हो गईं. इन शाखाओं से जुड़े खातों में करीब 43.5 अरब नेपाली रुपये की जमा राशि और 24.2 अरब नेपाली रुपये के कर्ज दर्ज थे. हालांकि, यह पूरी रकम बाढ़ में बह जाने का आंकड़ा नहीं है, बल्कि संबंधित शाखाओं के कुल जमा और कर्ज का रिकॉर्ड है.

हजारों खातों पर पड़ा असर

बाढ़ में तबाह हुई 17 बैंक शाखाओं से करीब 73,275 जमा खाते और 2,125 कर्ज खाते जुड़े हुए हैं. बैंकिंग ढांचे के बर्बाद होने से इन खातों के संचालन और रिकॉर्ड को लेकर भी चुनौती खड़ी हो गई है. फिलहाल बैंक और वित्तीय संस्थान वास्तविक नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं. शाखाओं में मौजूद नकदी, उपकरण, दस्तावेज और अन्य संपत्तियों में से कितना नुकसान हुआ है, इसकी पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है.

जलविद्युत परियोजनाओं पर भी बाढ़ की मार

भोटेकोशी बाढ़ से रसुवा और आसपास के क्षेत्रों में कई जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है. इन परियोजनाओं में बैंकों का बड़ा निवेश है, लेकिन इस रकम को स्थानीय बैंक शाखाओं के जमा और कर्ज आंकड़ों में शामिल नहीं किया जाता. इसकी वजह यह है कि बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को दिए जाने वाले कर्ज में आमतौर पर कई बैंक मिलकर निवेश करते हैं और इनकी मंजूरी केंद्रीय कार्यालय स्तर पर होती है.

नकदी और कीमती सामान भी बहा

बाढ़ की तबाही में कई बैंक शाखाओं के साथ नकदी, सोना, चांदी और गहने जैसी संपत्तियां भी बहने की जानकारी सामने आई है. हालांकि, बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने अभी तक कुल नुकसान का अंतिम आंकड़ा तैयार नहीं किया है. अधिकारियों की पहली प्राथमिकता उन कर्मचारियों का पता लगाना है, जिनसे बाढ़ के बाद संपर्क टूट गया है. इसके बाद संपत्ति और वित्तीय नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा.

नेपाल राष्ट्र बैंक ने मांगी रिपोर्ट

नेपाल राष्ट्र बैंक ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लापता कर्मचारियों और संपत्ति को हुए नुकसान की विस्तृत जानकारी मांगी है. राष्ट्र बैंक के प्रवक्ता गुरु प्रसाद पौडेल के मुताबिक, मानवीय नुकसान के साथ आर्थिक और भौतिक क्षति का आकलन भी शुरू कर दिया गया है. फिलहाल शाखाओं में दर्ज नकदी, सामान, जमा और कर्ज के आधार पर शुरुआती रिपोर्ट तैयार की जा रही है. बैंकिंग क्षेत्र से विस्तृत जानकारी जुटाने का काम जारी है.

बैंकर एसोसिएशन भी जुटा रहा डेटा

नेपाल बैंकर्स एसोसिएशन ने प्रभावित बैंकों से नुकसान का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा है. एसोसिएशन के अध्यक्ष संतोष कोइराला के अनुसार, बैंकों से जमा और कर्ज के अलावा क्षतिग्रस्त जलविद्युत परियोजनाओं को दिए गए कर्ज, सोना-चांदी और अन्य संपत्तियों की जानकारी भी मांगी गई है. बैंकों से पूरा डेटा मिलने के बाद ही इस आपदा से बैंकिंग सेक्टर को हुए वास्तविक नुकसान का अंदाजा लगाया जा सकेगा.

बाढ़ में बह गईं बैंक की तिजोरियां

रसुवा के तिमुरे और स्याफ्रुबेंसी इलाकों में बैंक की शाखाएं पूरी तरह बह गईं और उनके साथ तिजोरियां भी पानी के तेज बहाव में चली गईं. सोशल मीडिया पर गलछी में दो बैंक तिजोरियां मिलने का दावा किया गया, लेकिन जिला प्रशासन और पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की. कुछ बैंक अधिकारियों के अनुसार, एक तिजोरी में करीब 12.5 करोड़ नेपाली रुपये नकद थे. त्रिशूली नदी में बह गई बैंक की तिजोरी से पैसे निकालने के आरोप में पुलिस ने 29 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 92,68,505 नेपाली रुपये बरामद किए गए हैं.

35 बैंक कर्मचारी अब भी संपर्क से बाहर

बाढ़ के बाद शनिवार शाम तक 35 बैंकिंग कर्मचारियों से संपर्क नहीं हो पाया था. इनमें 27 वाणिज्यिक बैंक कर्मचारी, छह माइक्रोफाइनेंस कर्मचारी और दो ऐसे कर्मचारी शामिल हैं, जो इलाके में आधिकारिक दौरे पर गए थे. बैंक और वित्तीय संस्थान गुरुवार से लापता कर्मचारियों की तस्वीरें और पहचान संबंधी जानकारी सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, ताकि उनकी तलाश में लोगों की मदद मिल सके. फिलहाल नेपाल का बैंकिंग सेक्टर मानवीय नुकसान और आर्थिक तबाही, दोनों का आकलन करने में जुटा है.

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