नीरज चोपड़ा रचेंगे इतिहास? कॉमनवेल्थ फाइनल में 68 साल पुराने रिकॉर्ड पर नजर, जानें पूरी जानकारी

Neeraj Chopra In CWG: भारत के कई शानदार एथलीट कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले चुके हैं, लेकिन ट्रैक एंड फील्ड में अब तक कोई भी खिलाड़ी दो बार गोल्ड मेडल नहीं जीत पाया है. अब यह इतिहास बदलने का मौका नीरज चोपड़ा के पास है.

Neeraj Chopra big bid in the CWG final 2026 winning gold will create history
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Neeraj Chopra In CWG: भारत के कई शानदार एथलीट कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले चुके हैं, लेकिन ट्रैक एंड फील्ड में अब तक कोई भी खिलाड़ी दो बार गोल्ड मेडल नहीं जीत पाया है. अब यह इतिहास बदलने का मौका नीरज चोपड़ा के पास है. 

अगर नीरज ग्लासगो में होने वाले पुरुष जैवलिन थ्रो फाइनल में गोल्ड मेडल जीतते हैं, तो वह कॉमनवेल्थ गेम्स में अपना दूसरा गोल्ड हासिल करेंगे. इसके साथ ही वह भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में दो कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतने वाले पहले ट्रैक एंड फील्ड खिलाड़ी बन जाएंगे.

गोल्ड जीतते ही बनेगा बड़ा रिकॉर्ड

कॉमनवेल्थ गेम्स में साल 1958 से अब तक भारत ने एथलेटिक्स में कुल छह गोल्ड मेडल जीते हैं, लेकिन कोई भी भारतीय खिलाड़ी दो बार चैंपियन नहीं बन सका है. नीरज चोपड़ा ने साल 2018 में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. 

अब ग्लासगो 2026 में भी अगर वह स्वर्ण पदक जीतते हैं, तो वह यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीट बन जाएंगे. इतना ही नहीं, नीरज एक से ज्यादा कॉमनवेल्थ गोल्ड जीतने वाले पहले एशियाई जैवलिन थ्रोअर भी बन सकते हैं.

क्वालीफिकेशन में नीरज ने दिखाया दम

नीरज चोपड़ा ने पुरुष जैवलिन थ्रो क्वालीफिकेशन राउंड में 79.61 मीटर का शानदार थ्रो करते हुए फाइनल में जगह बनाई. उनके अलावा भारत के रोहित यादव ने 78.37 मीटर और यशवीर सिंह ने 78.36 मीटर का थ्रो कर फाइनल के लिए क्वालीफाई किया. इससे भारत की पदक जीतने की उम्मीदें और बढ़ गई हैं.

नीरज के लिए आसान नहीं था क्वालीफिकेशन

फाइनल में पहुंचने के बाद नीरज चोपड़ा ने बताया कि ग्लासगो का मौसम खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण था. उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य लंबा थ्रो करना नहीं बल्कि सुरक्षित तरीके से फाइनल में पहुंचना था. ठंड और हवा की बदलती दिशा के कारण जैवलिन थ्रो करना मुश्किल हो रहा था. यही वजह रही कि कोई भी खिलाड़ी तय ऑटोमैटिक क्वालीफिकेशन दूरी हासिल नहीं कर पाया.

फाइनल में कड़ी टक्कर की उम्मीद

नीरज चोपड़ा ने कहा कि फाइनल मुकाबला काफी कठिन होने वाला है, क्योंकि इसमें दुनिया के कई बड़े जैवलिन थ्रोअर और ओलंपिक पदक विजेता शामिल होंगे. उन्होंने उम्मीद जताई कि मौसम अच्छा रहा तो दर्शकों को एक शानदार मुकाबला देखने को मिलेगा.

अपने खर्च पर नीरज की मदद कर रहे कोच जयवीर चौधरी

नीरज चोपड़ा के शुरुआती कोच जयवीर चौधरी भी ग्लासगो में उनके साथ मौजूद हैं और उनका मार्गदर्शन कर रहे हैं. जयवीर भारतीय टीम के आधिकारिक कोचिंग स्टाफ का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए वह अपने खर्च पर वहां पहुंचे हैं. 

वह स्विट्जरलैंड के बिएन शहर से ग्लासगो पहुंचे, जहां नीरज कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले ट्रेनिंग कर रहे थे. क्वालीफिकेशन मुकाबले के दौरान जयवीर चौधरी को भारतीय टीम के मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर के साथ कोचों के क्षेत्र में देखा गया.

भारत की पदक उम्मीदें मजबूत

नीरज चोपड़ा के साथ रोहित यादव और यशवीर सिंह के फाइनल में पहुंचने से भारत की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं. अब सभी की नजरें 31 जुलाई की रात होने वाले जैवलिन थ्रो फाइनल पर हैं, जहां नीरज के पास इतिहास बनाने का बड़ा मौका होगा.

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