तेहरान: ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को लेकर सामने आई खबरों ने पूरे मिडिल ईस्ट में गहरा असर डाला है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद उनके मारे जाने के दावों ने क्षेत्र में शोक, गुस्सा और अस्थिरता का माहौल पैदा कर दिया. जैसे ही यह जानकारी सामने आई, ईरान के सरकारी मीडिया ने भी इसकी पुष्टि का दावा किया, जिसके बाद आम जनता से लेकर राजनीतिक और धार्मिक संगठनों तक हर स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली.
देशभर में शोक और आक्रोश का माहौल
राजधानी तेहरान सहित कई बड़े शहरों में लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए. प्रमुख स्थानों, खासकर एंघेलाब स्क्वायर, पर हजारों लोगों की भीड़ जमा हो गई. लोगों के चेहरों पर दुख और आक्रोश साफ दिखाई दिया. कई लोग रोते-बिलखते नजर आए, वहीं भीड़ में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी भी लगातार होती रही.
People in Tehran's Enghelab Square mourn the martyrdom of Ayatollah Khamenei
— Press TV 🔻 (@PressTV) March 1, 2026
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सरकार की ओर से 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा किए जाने की खबर सामने आई, जो इस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता को दर्शाती है. सार्वजनिक कार्यक्रमों को सीमित कर दिया गया है और धार्मिक सभाओं का आयोजन बढ़ा दिया गया है, जहां लोग अपने नेता को श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
इराक में भी दिखा गहरा असर
ईरान के अलावा इराक में भी इस खबर का व्यापक असर देखने को मिला. धार्मिक शहर कर्बला में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और भावुक होकर मातम मनाते दिखाई दिए. माहौल बेहद संवेदनशील और भावनात्मक हो गया.
Here is how pilgrims reacted to the news of Ayatollah Khamenei's martyrdom at Imam Hussein holy shrine in Karbala.
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राजधानी बगदाद में भी विरोध प्रदर्शन हुए. लोगों ने रैलियां निकालकर समर्थन जताया और क्षेत्रीय हालात पर नाराजगी जाहिर की. इराक सरकार द्वारा 3 दिन के शोक की घोषणा किए जाने की भी खबर सामने आई.
धार्मिक स्थलों पर भी उमड़ी भीड़
ईरान के धार्मिक शहर क़ोम में स्थित हज़रत मासूमेह दरगाह पर हजारों लोग इकट्ठा हुए. यहां पर लोगों ने शोक सभा के साथ-साथ राजनीतिक नारे भी लगाए. यह घटनाएं सिर्फ दुख तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि क्षेत्रीय तनाव और गुस्से का प्रतीक बन गईं.
मीडिया में भी दिखी भावुकता
ईरानी मीडिया में इस खबर का प्रसारण बेहद संवेदनशील माहौल में हुआ. कई टीवी चैनलों पर एंकर लाइव प्रसारण के दौरान भावुक हो गए और रोते हुए दिखाई दिए. इससे यह साफ जाहिर होता है कि इस खबर ने आम जनता के साथ-साथ मीडिया जगत को भी गहराई से प्रभावित किया है.
#WATCH जम्मू-कश्मीर: श्रीनगर में कश्मीरी शिया मुसलमानों ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया। अयातुल्ला खामेनेई इजरायल और US के हमलों में मारे गए थे। pic.twitter.com/cybIZRalCr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 1, 2026
अन्य देशों में भी प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम का असर केवल ईरान और इराक तक सीमित नहीं रहा. लेबनान और सीरिया में भी विरोध प्रदर्शन और रैलियां देखने को मिलीं. कई जगहों पर लोगों ने समर्थन में मार्च निकाले और क्षेत्रीय स्थिति पर चिंता जताई.
भारत में भी इसका असर देखा गया. श्रीनगर समेत कुछ इलाकों में लोग सड़कों पर उतरे और विरोध प्रदर्शन किए. कई प्रदर्शनकारी हाथों में तस्वीरें लेकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आए.
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