दुबई/अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात में शनिवार रात हालात तनावपूर्ण हो गए, जब कई स्थानों पर हमलों की खबरों ने लोगों की नींद उड़ा दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में दुबई के प्रमुख प्रतिष्ठान- बुर्ज अल अरब, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जेबेल अली पोर्ट को निशाना बनाया गया. अधिकारियों ने इन घटनाओं को ड्रोन और मिसाइल से जुड़े हमले बताया है.
दुबई सरकार के मीडिया कार्यालय के अनुसार, एक ड्रोन के टुकड़ों (छर्रों) से बुर्ज अल अरब होटल के एक हिस्से में आग लग गई. हालांकि, राहत की बात यह रही कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
पोर्ट और एयरपोर्ट पर भी दिखा असर
अधिकारियों ने बताया कि एयर इंटरसेप्शन ऑपरेशन के दौरान गिरे मलबे से जेबेल अली पोर्ट के एक बर्थ में आग लग गई. दमकल विभाग ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की और स्थिति को नियंत्रित कर लिया.
इसी दौरान दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी एक घटना की पुष्टि की गई. आपातकालीन टीमों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर हालात को संभाला गया. शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस घटना में चार लोग घायल हुए, जिन्हें तुरंत चिकित्सा सहायता दी गई.
लोगों में सायरन और अलर्ट से दहशत
हमलों की आशंका के बीच पूरे देश में सतर्कता बढ़ा दी गई. कई जगहों पर सायरन बजते रहे और अधिकारियों द्वारा लगातार अलर्ट जारी किए जाते रहे. रमजान का महीना और वीकेंड होने के कारण लोग देर रात तक जाग रहे थे, जिससे इन घटनाओं का असर और ज्यादा महसूस किया गया.
अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे पुराने या भ्रामक वीडियो, खासकर 2021 में जेबेल अली पोर्ट पर लगी आग से जुड़े क्लिप, सोशल मीडिया पर साझा न करें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें.
अबू धाबी से भी हमलों की खबर
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अबू धाबी के जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले हुए. कुछ रिपोर्ट्स में एक विदेशी कर्मचारी की मौत और कई लोगों के घायल होने की बात कही गई है, हालांकि सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
एयर डिफेंस सिस्टम ने हमले किए नाकाम
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, देश की वायुसेना और एयर डिफेंस सिस्टम ने बड़ी संख्या में मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया.
इसके अलावा:
हालांकि, कुछ मामलों में गिरते मलबे से सीमित नुकसान (साइड डैमेज) हुआ. हमलों के चलते हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा. कई फ्लाइट्स को रीशेड्यूल करना पड़ा, जिससे करीब 20,200 यात्री प्रभावित हुए.
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