नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजधानी को साफ, विकसित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. उनकी यह पहल न सिर्फ दिल्ली की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए है, बल्कि यह शहर के समग्र विकास की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है. मुख्यमंत्री ने दिल्ली नगर निगम (MCD) को करोड़ों रुपये की विशेष आर्थिक मदद प्रदान की है, जिससे विभिन्न सुधार कार्यों को गति मिलेगी. आइए जानते हैं, इस कदम से दिल्ली को कैसे फायदा होगा और क्या बदलाव देखने को मिलेंगे.
MCD को मिली विशेष मदद
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम को आर्थिक मदद देने के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया है कि इस राशि का सही उपयोग हो और लोगों को बेहतर सेवाएं मिलें. यह राशि सड़कों की मरम्मत, सफाई व्यवस्था को सुधारने, नगर निगम के स्कूलों को बेहतर बनाने और नागरिकों को अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए खर्च की जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि दिल्ली के विकास में तेजी लाई जा सके.
2026-27 में सड़कों का निर्माण और सुधार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली के 60 फुट से कम चौड़ी सड़कों की देखरेख और सफाई की जिम्मेदारी दिल्ली नगर निगम के पास है. इसको ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान लगभग 1330 करोड़ रुपये के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं, जिनसे करीब 1000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण, मरम्मत और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा. यह पहल खासतौर पर प्रदूषण को कम करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दिल्ली में मॉनसून के बाद प्रदूषण स्तर में बढ़ोतरी हो जाती है.
सड़क सुधार कार्यों की समयबद्ध योजना
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी सड़क सुधार कार्य समय पर पूरे किए जाएं, ताकि 30 सितंबर 2026 तक प्रमुख परियोजनाओं का निष्पादन सुनिश्चित हो सके. इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेज करने, अग्रिम तैयारियां शुरू करने और निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया गया है. उनका कहना है कि समय पर कार्य पूरे होने से नागरिकों को प्रदूषण से राहत मिलेगी और दिल्ली की आधारभूत संरचना मजबूत होगी.
सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए नया प्लान
दिल्ली सरकार ने शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाने के लिए 2300 करोड़ रुपये की लंबी अवधि की योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत 10 साल के ओपेक्स मॉडल पर काम किया जाएगा. इसके अंतर्गत 70 नई मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनें लगाई जाएंगी, जो सड़कों की धूल और कचरे को प्रभावी रूप से साफ करेंगी.
प्रदूषण कम करने के लिए इलेक्ट्रिक लिटर पिकर
इसके साथ ही, 1000 इलेक्ट्रिक लिटर पिकर भी तैनात किए जा रहे हैं, जो सफाई कार्य को और तेज, पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक बनाएंगे. यह कदम दिल्ली में प्रदूषण कम करने की दिशा में स्थायी समाधान साबित होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल दिल्ली को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.
शिक्षा क्षेत्र में सुधार
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नगर निगम के प्राथमिक स्कूलों के सुधार के लिए भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. वे इन स्कूलों की इमारतों को मजबूत करने, साफ-सफाई की सुविधाएं सुधारने, कक्षाओं को आधुनिक बनाने और छात्रों के लिए एक बेहतर शैक्षिक माहौल तैयार करने के लिए अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये देंगे. इस पहल से बच्चों को एक बेहतर शिक्षा मिल सकेगी, जो उनके भविष्य के लिए बेहद जरूरी है.
सामुदायिक भवनों की मरम्मत
दिल्ली की छोटी कॉलोनियों में निगम द्वारा बनाए गए सामुदायिक भवनों की भी मरम्मत की जाएगी. इन भवनों में गरीब परिवार शादी और अन्य सामाजिक कार्यक्रम करते हैं. इसलिए इन भवनों का सुधार जरूरी था. इसके लिए 50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे इन भवनों को नया रूप दिया जाएगा और उनका उपयोग करने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी.
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