अब 10वीं के लिए दो परीक्षाएं होंगी आयोजित, CBSE ने जारी किया नोटिफिकेशन; एक एग्जाम देना होगा अनिवार्य

CBSE New Notification: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं. इसी बीच बोर्ड ने 10वीं कक्षा की दो परीक्षा व्यवस्था को लेकर नया नोटिफिकेशन जारी किया है.

two examinations will be conducted for 10th CBSE issued notification mandatory to give an exam
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CBSE New Notification: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं. इसी बीच बोर्ड ने 10वीं कक्षा की दो परीक्षा व्यवस्था को लेकर नया नोटिफिकेशन जारी किया है.

इस बार CBSE 10वीं के लिए दो परीक्षाएं आयोजित करेगा. लेकिन बोर्ड ने साफ कर दिया है कि सभी छात्रों के लिए पहली परीक्षा देना अनिवार्य होगा. कुछ छात्रों ने अनुरोध किया था कि अगर वे किसी कारण से पहली परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते हैं तो उन्हें सीधे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए. बोर्ड ने इस मांग को खारिज कर दिया है.

पहली परीक्षा देना जरूरी

CBSE के अनुसार 10वीं का पहला एग्जाम सभी छात्रों के लिए अनिवार्य है. अगर कोई छात्र पहली परीक्षा में तीन या उससे ज्यादा विषयों में शामिल नहीं होता है, तो उसे दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं मिलेगी. बोर्ड ने यह भी बताया है कि दूसरी परीक्षा को सप्लीमेंट्री या इंप्रूवमेंट परीक्षा के रूप में रखा गया है.

पहली परीक्षा नहीं देने पर क्या होगा?

यदि कोई छात्र पहली परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो उसे “Essential Repeat” श्रेणी में रखा जाएगा. ऐसे छात्रों को अगले साल फरवरी में होने वाली मुख्य परीक्षा में ही बैठने का मौका मिलेगा. वहीं जिन छात्रों को पहली परीक्षा में कंपार्टमेंट आता है, वे दूसरी परीक्षा में कंपार्टमेंट श्रेणी के तहत शामिल हो सकेंगे. CBSE ने यह भी स्पष्ट किया है कि 10वीं पास करने के बाद कोई अतिरिक्त विषय अलग से नहीं लिया जा सकेगा.

दूसरी परीक्षा में किन्हें मिलेगा मौका?

जो छात्र पहली परीक्षा में पास हो जाएंगे, वे दूसरी परीक्षा में अपने अंक सुधारने के लिए शामिल हो सकते हैं. वे विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से अधिकतम तीन मुख्य विषयों में सुधार कर सकेंगे.

CBSE ने दूसरी परीक्षा में बैठने के लिए तीन श्रेणियां तय की हैं:

  • इंप्रूवमेंट श्रेणी- अधिकतम तीन मुख्य विषयों में अंक सुधारने का मौका.
  • कंपार्टमेंट श्रेणी- जिन छात्रों को पहली परीक्षा में फेल या कंपार्टमेंट मिला है.
  • कंपार्टमेंट और इंप्रूवमेंट दोनों- ऐसे छात्र जो दोनों स्थितियों में आते हैं, उन्हें भी दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति होगी.

बोर्ड ने साफ कर दिया है कि दो परीक्षा व्यवस्था में पहली परीक्षा देना अनिवार्य है और दूसरी परीक्षा केवल सुधार या कंपार्टमेंट के लिए होगी.

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