अमेरिकी राजनीति में इन दिनों रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर हलचल तेज हो गई है. इसी बीच अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो का एक सख्त लेकिन संतुलित बयान सामने आया है, जो दुनिया भर के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि यदि रूस और यूक्रेन शांति के लिए एक-दूसरे के प्रति लचीलापन नहीं दिखाते, तो यह युद्ध और भी भयावह रूप ले सकता है.
मार्को रुबियो ने कहा कि यदि दोनों देश रूस और यूक्रेन जल्द से जल्द किसी समझौते तक नहीं पहुंचे, तो इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ेगा. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दोनों पक्षों को कुछ न कुछ समझौता करना ही होगा, तभी किसी स्थायी समाधान की दिशा में बढ़ा जा सकता है. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो यह संघर्ष अनगिनत जानें लेता रहेगा.
पुतिन की शर्त पर बढ़ा विवाद
यह बयान ऐसे समय में आया है जब खबरें हैं कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने डोनबास के पूर्वी हिस्से को रूस में शामिल करने की शर्त पर युद्ध खत्म करने की पेशकश की है. दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने किसी भी क्षेत्र को छोड़ने से साफ इनकार कर दिया है. जेलेंस्की का कहना है कि यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता.
अमेरिका की भूमिका और सीमाएं
रुबियो ने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका इस युद्ध को खत्म करवाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका के पास कोई 'जादुई समाधान' नहीं है जो युद्ध को तुरंत रोक सके. उन्होंने "फेस द नेशन" नामक कार्यक्रम में दिए एक इंटरव्यू में कहा कि अगर रूस और यूक्रेन आपसी बातचीत से किसी समाधान पर नहीं पहुंचे, तो यह संघर्ष वर्षों तक चलता रह सकता है और निर्दोष लोग इसका शिकार बनते रहेंगे.
रूस को फिर मिली प्रतिबंध की चेतावनी
रुबियो ने अपने बयान में एक बार फिर रूस को आगाह किया है कि यदि वह सहयोग नहीं करता और युद्ध को बढ़ाता है, तो अमेरिका और उसके सहयोगी देश रूस पर और अधिक कड़े आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगाने से पीछे नहीं हटेंगे. उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस युद्ध को और ज्यादा नहीं सह सकता.
ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात से पहले माहौल गरम
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच एक अहम बैठक होने वाली है. यह बैठक 18 अगस्त 2025 को व्हाइट हाउस में आयोजित की जाएगी, जिसमें यूरोप के कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की भी संभावना है. इस बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के संभावित रास्तों पर चर्चा होने की उम्मीद है.
ट्रंप-पुतिन बैठक में समाधान नहीं
गौरतलब है कि इससे पहले 15 अगस्त 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच अलास्का में एक शिखर बैठक हुई थी. हालांकि उस बैठक में कोई ठोस सीजफायर समझौता नहीं हो पाया, लेकिन दोनों नेताओं ने यह जरूर कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और इससे भविष्य के समझौते की उम्मीदें बढ़ी हैं.
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