संकट के दौर में सरकार का बड़ा ऐलान, श्रमिकों को पहले मिलेगा 5 KG गैस सिलेंडर; जानें पूरी डिटेल

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने आपूर्ति को लेकर बड़ा कदम उठाया है. खासतौर पर श्रमिकों और जरूरतमंद वर्ग को ध्यान में रखते हुए छोटे सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है.

Big announcement of the government in times of crisis workers will first get 5 KG gas cylinders
Image Source: ANI/ File

LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण पैदा हुए एलपीजी संकट के बीच केंद्र सरकार ने आपूर्ति को लेकर बड़ा कदम उठाया है. खासतौर पर श्रमिकों और जरूरतमंद वर्ग को ध्यान में रखते हुए छोटे सिलेंडर की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है. सरकार का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी स्थिति में आम लोगों और छोटे उपभोक्ताओं को गैस की कमी का सामना न करना पड़े.

सरकार ने फैसला लिया है कि श्रमिकों और कम आय वाले लोगों के लिए 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जाएगी. ये छोटे सिलेंडर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हैं, जो दैनिक मजदूरी करते हैं या अस्थायी रूप से काम करने के लिए दूसरे शहरों में रहते हैं. इससे उन्हें आसानी से और कम लागत में गैस मिल सकेगी.

राज्यों को बढ़ाई गई कमर्शियल एलपीजी सप्लाई

केंद्र सरकार ने 21 मार्च को एक अहम निर्णय लेते हुए कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति में 50 प्रतिशत तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए मंजूर की है. इसका उद्देश्य होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों जैसे क्षेत्रों में गैस की कमी को दूर करना है. सरकार ने राज्यों से यह भी कहा है कि इस अतिरिक्त आवंटन का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर जरूरी सेवाओं में किया जाए, ताकि रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित न हों.

किन-किन सेक्टर को मिलेगा फायदा

सरकार ने साफ किया है कि बढ़ी हुई कमर्शियल एलपीजी सप्लाई का इस्तेमाल कई जरूरी क्षेत्रों में किया जाएगा. इसमें रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट, डेयरी सेक्टर, सरकारी रियायती कैंटीन, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए छोटे सिलेंडर शामिल हैं. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि खाने-पीने और जरूरी सेवाओं पर कोई बड़ा असर न पड़े.

पैनिक बुकिंग में आई कमी

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में एलपीजी को लेकर लोगों में जो घबराहट थी, वह अब कम होती दिख रही है. उन्होंने बताया कि पैनिक बुकिंग में गिरावट आई है और स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है.

पिछले तीन हफ्तों में करीब 35 लाख नए घरेलू और कमर्शियल एलपीजी कनेक्शन दिए गए या फिर पुराने कनेक्शन को फिर से सक्रिय किया गया है. इससे बाजार में सप्लाई को संतुलित करने में मदद मिली है.

वितरण व्यवस्था हो रही सामान्य

सरकार के अनुसार, फिलहाल रिटेल आउटलेट्स पर स्थिति सामान्य बनी हुई है. हालांकि एलपीजी की आपूर्ति अभी भी एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन वितरकों के पास गैस की भारी कमी नहीं है. पहले जो अफरा-तफरी की स्थिति बनी थी, उसमें अब सुधार देखने को मिल रहा है और गैस की डिलीवरी भी सामान्य रूप से हो रही है.

अब तक कितना हुआ वितरण

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक लगभग 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कमर्शियल एलपीजी आवंटित की जा चुकी है. करीब 15,800 टन कमर्शियल गैस का वितरण भी किया जा चुका है. इससे साफ है कि सरकार लगातार आपूर्ति बनाए रखने और संकट को कम करने के लिए कदम उठा रही है.

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