महाराष्ट्र चुनाव : होटल में पुलिस का 'वोट के बदले पैसा' विवाद पर छापा, EC ने मामले को लेकर क्या कहा?

डीसीपी चौगुले ने बताया, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 से जुड़ी धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं. स्थिति नियंत्रण में है.

महाराष्ट्र चुनाव : होटल में पुलिस का 'वोट के बदले पैसा' विवाद पर छापा, EC ने मामले को लेकर क्या कहा?
मामले की जानकारी देती हुईं डीसीपी पूर्णिमा चौगुले | Photo- ANI

पालघर (महाराष्ट्र) : महाराष्ट्र के पालघर जिले में विधानसभा चुनाव से पहले "वोट के बदले नकदी" विवाद के बीच, पुलिस ने मंगलवार को नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र में एक होटल पर छापा मारा, नकदी और डायरियां जब्त कीं और कई एफआईआर दर्ज की हैं.

वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग ने इस मामले पर चुनाव पर किसी तरह के असर ना पड़ने की बात कही है. 

छापे के दौरान चुनाव आयोग का उड़न दस्ता भी मौजूद था.

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डीसीपी ने 3 एफाआईआर दर्ज करने की बात बताई

डीसीपी पूर्णिमा चौगुले ने बताया, "भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की संबंधित धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत तीन एफआईआर दर्ज की गई हैं. स्थिति नियंत्रण में है."

महाराष्ट्र की अतिरिक्त मुख्य चुनाव अधिकारी किरण कुलकर्णी ने कहा कि "सब कुछ नियंत्रण में है" और आश्वासन दिया कि एमसीसी का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.

कुलकर्णी ने कहा, "फ्लाइंग स्क्वॉड ने परिसर की जांच की और कुछ जब्ती की. एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है. एमसीसी का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी."

राजनतीक दलों के साथ चल रही बैठक : चुनाव आयोग के अधिकारी

चुनाव आयोग के अधिकारी शेखर घाडगे ने कहा कि एक राजनीतिक दल की बैठक चल रही थी. उन्होंने कहा, "हमें एक राजनीतिक दल की बैठक के बारे में शिकायत मिली थी. जब हमारी टीम पहुंची, तो देखा कि एक बैठक चल रही थी. कुछ नकदी जब्त की गई है. पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं. इसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा."

आरोपों को किया खारिज, चुनाव प्रक्रिया पर चर्चा की कही बात

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बीवीए नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बैठक केवल चुनाव प्रोटोकॉल और शिकायत प्रक्रियाओं पर चर्चा करने के लिए थी.

तावड़े ने कहा, "नालासोपारा के विधायकों की बैठक चल रही थी. मैं उन्हें मतदान के दिन के लिए आदर्श आचार संहिता के बारे में बताने गया था, वोटिंग मशीनों को कैसे सील किया जाएगा और अगर कोई आपत्ति दर्ज की जाती है तो क्या करना है. पार्टी (बहुजन विकास अघाड़ी) के कार्यकर्ताओं, अप्पा ठाकुर और क्षितिज ने सोचा कि हम पैसे बांट रहे हैं. चुनाव आयोग और पुलिस को जांच करनी चाहिए, उन्हें सीसीटीवी फुटेज मिलनी चाहिए."

उन्होंने कहा कि वे 40 साल से भाजपा के साथ हैं और उनका मानना ​​है कि जांच से सारी बातें साफ हो जाएंगी. उन्होंने कहा, "मैं 40 साल से पार्टी में हूं. अप्पा ठाकुर और क्षितिज मुझे जानते हैं और पूरी पार्टी मुझे जानती है. फिर भी, मेरा मानना ​​है कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए." 

विरार के एक होटल में पैसे बांटने की शिकायत पर हुआ एक्शन

अधिकारियों ने कहा कि छापेमारी इस शिकायत के बाद की गई कि भाजपा नेता मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए विरार के एक होटल में पैसे बांट रहे थे. छापेमारी के दौरान भाजपा और बहुजन विकास अघाड़ी (बीवीए) दोनों के कार्यकर्ता होटल में मौजूद पाए गए.

वसई की पुलिस उपायुक्त (जोन II) पूर्णिमा चौगुले ने कहा, "ऊपरी मंजिलों पर भाजपा के सदस्य मौजूद थे, जबकि निचली मंजिलों पर बीवीए के कार्यकर्ता. कुछ पैसे और कुछ डायरियां बरामद की गई हैं."

बीवीए कार्यकर्ताओं की शिकायतों के बाद पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज कीं, एक पार्टी पर आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) का उल्लंघन करते हुए नकदी बांटने का आरोप लगाया. मौन अवधि के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए तीसरी एफआईआर दर्ज की गई है, जो एमसीसी का भी उल्लंघन है.

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