Jabalpur Road Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरेला हाईवे पर एक भयावह सड़क हादसा हुआ, जिसमें क्रेटा कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे भोजन कर रहे 13 मजदूरों को रौंदती चली गई. इस दुर्घटना में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और एम्बुलेंस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा.
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय ये मजदूर हाईवे पर लगी ग्रिल पर पेंटिंग का काम कर रहे थे और काम खत्म होने के बाद वहीं बैठकर भोजन कर रहे थे. इसी दौरान तेज गति से आती क्रेटा कार सीधे मजदूरों में घुस गई. हादसे के बाद कार का ड्राइवर मौके से फरार हो गया. पुलिस ने अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है.
पुलिस और स्थानीय लोगों ने तुरंत किया बचाव
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पल्लवी शुक्ला ने बताया कि यह घटना दोपहर डेढ़ बजे हुई. सिग्मा कॉलोनी के पास एकता चौक के पास करीब 24 मजदूर काम कर रहे थे और भोजन के लिए बैठे थे. इसी दौरान बरेला से जबलपुर की तरफ आ रही सफेद रंग की बिना नंबर प्लेट की कार मजदूरों को रौंदते हुए फरार हो गई. स्थानीय लोगों ने तुरंत बरेला पुलिस और ‘डायल 108’ को सूचना दी. कुछ ही मिनटों में पुलिस और एम्बुलेंस टीम मौके पर पहुंच गई और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया.
इस हादसे में दो महिला मजदूरों की मौत हो गई. शेष 11 घायल मजदूरों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई गई है.
माढ़ोताल इलाके में बेकाबू बस का हादसा
इसी बीच जबलपुर के माढ़ोताल स्थित सुरतलाई इलाके में भी एक सड़क हादसा हुआ. यहां एक बेकाबू बस ने पहले बाइक सवार को रौंदा और फिर सवारियों से भरी ऑटो को टक्कर मार दी. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई और ऑटो सवार छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जो हादसे की भयावहता को दर्शाता है.
घायलों को अस्पताल में भर्ती, पुलिस जांच में जुटी
दोनों हादसों के घायलों को नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. पुलिस घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर दोनों मामलों की जांच कर रही है.
सड़क सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
जबलपुर में लगातार बढ़ रहे ऐसे सड़क हादसे शहर में यातायात सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. तेज रफ्तार और लापरवाही ने लोगों की जान पर खतरा बढ़ा दिया है, और यह सुनिश्चित करना आवश्यक हो गया है कि हाईवे और शहर की सड़कें सुरक्षित बनें.
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