Fresh vs Frozen Peas: ठंड के मौसम में बाजार हरी-हरी मटर से भर जाता है. सब्जियों से लेकर पराठे, पुलाव और स्नैक्स तक, मटर हर डिश का स्वाद बढ़ा देती है. लेकिन जैसे ही मौसम बदलता है और सर्दियां खत्म होती हैं, ताजी मटर मिलना मुश्किल हो जाता है. ऐसे समय में फ्रोजन मटर एक आसान विकल्प बनकर सामने आती है.
हालांकि कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या फ्रीजर में रखी मटर सेहत के लिए उतनी ही फायदेमंद होती है जितनी ताजी मटर? या फिर इसमें पोषण की कमी आ जाती है? आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं.
शाकाहारी डाइट में प्रोटीन का अच्छा स्रोत
हरी मटर को शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का अच्छा प्राकृतिक स्रोत माना जाता है. इसमें प्रोटीन के साथ-साथ कई जरूरी विटामिन और मिनरल भी पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं.
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक अगर मटर को नियमित रूप से खाने में शामिल किया जाए तो शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहते हैं. इसी वजह से लोग मटर का सीजन खत्म होने के बाद भी फ्रोजन मटर का इस्तेमाल करते हैं ताकि सालभर इसका फायदा लिया जा सके.
कैसे बनाई जाती है फ्रोजन मटर?
फ्रोजन मटर तैयार करने की प्रक्रिया काफी वैज्ञानिक होती है. मटर को तब तोड़ा जाता है जब वह पूरी तरह से पक चुकी होती है. इसके बाद उसे बहुत कम तापमान, करीब -18 डिग्री सेल्सियस पर फ्रीज कर दिया जाता है.
इस तापमान पर रखने से मटर में बैक्टीरिया या अन्य सूक्ष्म जीवों की वृद्धि नहीं होती और न ही इसके पोषक तत्वों में कोई बड़ा बदलाव आता है. इसी वजह से फ्रोजन मटर लंबे समय तक सुरक्षित रहती है और खराब नहीं होती.
क्या फ्रोजन मटर सेहत के लिए नुकसानदेह होती है?
अक्सर लोगों को लगता है कि फ्रोजन मटर सेहत के लिए अच्छी नहीं होती और इसे खाने से नुकसान हो सकता है. लेकिन एक्सपर्ट्स इस धारणा को सही नहीं मानते. न्यूट्रिशनिस्ट्स का कहना है कि सही तरीके से फ्रीज की गई मटर में प्रोटीन, विटामिन और मिनरल लगभग उतनी ही मात्रा में मौजूद रहते हैं जितने ताजी मटर में होते हैं. यानी पोषण के लिहाज से फ्रोजन मटर भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है.
ताजी और फ्रोजन मटर में पोषण का अंतर कितना?
कई रिसर्च में फ्रेश और फ्रोजन सब्जियों की तुलना की गई है, जिनमें मटर भी शामिल रही है. इन अध्ययनों में पाया गया कि दोनों के पोषण स्तर में कोई बड़ा अंतर नहीं होता. कुछ स्टडी में दो साल तक ताजी और फ्रोजन सब्जियों के पोषण तत्वों की जांच की गई, और नतीजा यह निकला कि दोनों लगभग समान रूप से फायदेमंद थीं. इससे यह साफ होता है कि अगर ताजी मटर उपलब्ध न हो, तो फ्रोजन मटर को डाइट में शामिल करना एक व्यावहारिक और सेहतमंद विकल्प है.
प्रिजर्वेटिव को लेकर फैली गलतफहमी
कई लोग मानते हैं कि फ्रोजन मटर को ज्यादा समय तक चलाने के लिए उसमें केमिकल प्रिजर्वेटिव या एडिटिव्स मिलाए जाते हैं. जबकि हकीकत यह है कि बहुत कम तापमान पर फ्रीज करने से ही मटर सुरक्षित रहती है और अलग से किसी प्रिजर्वेटिव की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि स्वाद के मामले में ताजी और फ्रोजन मटर में थोड़ा फर्क महसूस हो सकता है, लेकिन पोषण के स्तर पर दोनों लगभग बराबर ही मानी जाती हैं.
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