Premanand Maharaj: धार्मिक प्रवचन और सोशल मीडिया की दुनिया अब एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़ चुकी हैं. एक तरफ बाबा बागेश्वर धाम से लेकर पंडित अनिरुद्धाचार्य और प्रेमानंद महाराज जैसे संतों की वाणी पर लाखों लोग श्रद्धा से झुकते हैं, तो दूसरी ओर उनके बयानों पर समाज में तीखी प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिलती हैं.
इसी कड़ी में अब भोजपुरी सिनेमा के चर्चित अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने सोमवार, 18 अगस्त 2025 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट करते हुए प्रेमानंद महाराज और उनसे जुड़ी हालिया घटनाओं पर अपनी बात रखी है.
खेसारी ने क्यों दी 'अनुभूति' की सलाह?
खेसारी लाल यादव ने लिखा, "एक अपील, प्रेमानंद महाराज को बस अनुभूति कीजिए, कुछ दिन से नोटिस किए कि कई लोग Image Making के लिए वहां जाने लगे हैं. वो पाप धोने वाले मशीन नहीं हैं. सच्ची श्रद्धा है तो बस उनके बातो को अनुसरण कीजिए. हर जगह प्रमोशन और प्रचार ठीक नहीं लगता. भोरे भोरे ज्यादा ज्ञान लगे फिर भी ठीक हैं." खेसारी का इशारा साफ था कि जो लोग प्रेमानंद महाराज के दरबार को अपनी 'इमेज बिल्डिंग' का मंच बना रहे हैं, उन्हें वहां सिर्फ भक्ति के भाव से जाना चाहिए, न कि प्रचार की मंशा से.
जनता की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
खेसारी की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली. जहां कुछ लोगों ने उनकी बात को ‘साहसिक’ बताया, वहीं कई यूजर्स ने उन्हें उनकी फिल्मों की ‘फूहड़ता’ का हवाला देते हुए ट्रोल किया.
एक यूजर ने तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा, “आपका प्रेमानंद पर बयान समझदारी भरा है, पर आपकी खुद की अश्लील छवि के कारण ये विरोधाभासी लगता है, जिसकी कला में खुद फूहड़ता हो, उसका धर्म-नैतिकता पर ज्ञान देना अटपटा है.”
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम तो बागेश्वर धाम वाले हो, और प्रेमा नंद जी ने एक वीडियो में अप्रत्यक्ष रूप से बागेश्वर वालों को ही धो दिया था.” कुछ यूजर्स ऐसे भी थे जिन्होंने खेसारी की पहल की तारीफ की और लिखा कि कम से कम उन्होंने खुलकर कुछ तो कहा, जब बाकी सब पीआर और चुप्पी की राजनीति खेल रहे हैं.
प्रेमानंद महाराज की विवादित टिप्पणी
बात यहीं खत्म नहीं होती. दरअसल, प्रेमानंद महाराज खुद भी कुछ दिन पहले लड़कियों के चरित्र पर की गई एक विवादित टिप्पणी को लेकर आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे. उन्होंने कहा था, “आज के दौर में 100 में से मुश्किल से दो-चार लड़कियां ही पवित्र होती हैं. बाकी बॉयफ्रेंड-गर्लफ्रेंड के चक्कर में हैं.”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लड़के शादी से पहले कई रिश्तों में रह चुके होते हैं, वे अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रह पाते. इस बयान ने न सिर्फ सोशल मीडिया पर आक्रोश फैलाया, बल्कि धार्मिक संतों की भाषा और सोच पर भी सवाल खड़े कर दिए.
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