ईरान के सर्वोच्च नेता अली ख़ामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार जावेद लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मारने की धमकी दी है. लारीजानी ने कहा कि ट्रंप को तब मारा जाएगा जब वह आराम से सनबाथ ले रहे होंगे, और इस काम के लिए एक बड़ा इनाम भी घोषित किया गया है. ट्रंप को ड्रोन द्वारा उनके घर में घुसकर मारा जाएगा, यह धमकी ईरान ने दी है. लेकिन क्या ईरान की यह धमकी हकीकत बन सकती है? क्या सचमुच ट्रंप तक दुश्मन का ड्रोन पहुंच सकता है? आइए जानते हैं.
क्या है खामेनेई की धमकी का मुकाबला?
यह सच है कि ट्रंप की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी प्रशासन ने बेहद सख्त इंतज़ाम किए हैं. ट्रंप जहां भी जाते हैं, वहां के आसमान को नो-फ्लाई ज़ोन में तब्दील कर दिया जाता है. सैटेलाइट द्वारा पूरे क्षेत्र की निगरानी की जाती है और NORAD (North American Aerospace Defense Command) इसकी जिम्मेदारी संभालता है. इसके अलावा, किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए F-16 और F-22 फाइटर जेट्स तैयार रहते हैं.
इन सब के अलावा, ट्रंप के चारों ओर सुरक्षा चक्र के रूप में बॉडीगार्ड्स और काउंटर असॉल्ट टीम मौजूद रहती हैं. ये कमांडो हर प्रकार के हमले का मुकाबला करने के लिए सुसज्जित रहते हैं और उनके पास लंबी दूरी तक मार करने वाली आधुनिक हथियार भी होते हैं. इसके अलावा, ट्रंप के साथ विशेष जैमर गाड़ियां होती हैं जो ड्रोन के सिग्नल को जाम कर सकती हैं और उसे क्रैश कर सकती हैं.
क्या ट्रंप पर हमला किया जा सकता है?
हालांकि ईरान की धमकी में एक निश्चित हद तक चौंकाने वाली बात हो सकती है, परंतु ट्रंप पर हमला करना आसान नहीं है. हाल ही में एक घटना में, फ्लोरिडा के ऊपर गलती से एक यात्री विमान प्रवेश कर गया था, लेकिन कुछ सेकेंड्स में ही उसे F-16 जेट द्वारा घेर लिया गया. ट्रंप के महल के ऊपर अक्सर नो-फ्लाई ज़ोन होते हैं और यदि दुश्मन के विमान की पहचान की जाती है तो उसे तत्काल नष्ट कर दिया जाता है.
ट्रंप पर हमले की कोशिशें
हालांकि ट्रंप की सुरक्षा में कई कड़े इंतज़ाम हैं, लेकिन सुरक्षा में चूक भी हुई है. 13 जुलाई 2024 को पेंसिल्वेनिया में ट्रंप पर एक हमले की कोशिश की गई थी, जिसमें गोली उनके कान के पास से गुज़र गई. इसके बाद 15 सितंबर 2024 को फ्लोरिडा में एक गोल्फ कोर्स पर ट्रंप को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन ये हमले नाकाम रहे. इन घटनाओं के बाद ट्रंप की सुरक्षा को और भी मजबूत किया गया है और सुरक्षा एजेंसियों ने सख्त कदम उठाए हैं.
ईरान के पास स्लीपर सेल नेटवर्क
ट्रंप की सुरक्षा को लेकर हालांकि कई मजबूत उपाय हैं, लेकिन ईरान के पास एक और खतरनाक हथियार है, जो स्लीपर सेल नेटवर्क के रूप में मौजूद है. पश्चिमी देशों में IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) से जुड़े कई एजेंटों का नेटवर्क फैला हुआ है, जो सामान्य नागरिकों के रूप में रहते हैं और ट्रंप पर हमला करने का मौका तलाश रहे हैं. ईरान ने स्लीपर सेल के लिए बम बनाने की ट्रेनिंग भी दी हुई है, और ऐसे लोग कभी भी सक्रिय हो सकते हैं.
कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद ट्रंप पर खतरा बढ़ा
कासिम सुलेमानी की हत्या के बाद से ट्रंप के खिलाफ ईरान की गतिविधियाँ और भी बढ़ गई हैं. अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही इस बात की जानकारी दी थी कि ईरान चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप की हत्या करवाने की कोशिश में था. इसके अलावा, ईरान से जुड़े एक पाकिस्तानी नागरिक की पहचान भी की गई थी, जो ट्रंप की हत्या की योजना बना रहा था.
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